Bond Market: 10-Year Bond Yield ने छुआ **7.25%** का स्तर, भू-राजनीतिक तनाव से सहमे निवेशक

BANKINGFINANCE
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bond Market: 10-Year Bond Yield ने छुआ **7.25%** का स्तर, भू-राजनीतिक तनाव से सहमे निवेशक

ईरान के साथ बढ़ते तनाव और क्रूड ऑयल के भाव **$103** प्रति बैरल तक पहुंचने से भारतीय सरकारी बॉन्ड यील्ड **7.25%** के दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। महंगाई और करेंसी के दबाव के बीच निवेशक अब पोर्टफोलियो में बदलाव कर रहे हैं।

भारतीय सरकारी बॉन्ड मार्केट में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड 7.21% से 7.25% के बीच पहुंच गई है, जो पिछले 2 सालों का उच्चतम स्तर है। इस उठापटक की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव है। ब्रेंट क्रूड ऑयल $103 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है, जिससे भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) और रुपये पर दबाव का खतरा बढ़ गया है।

RBI के रुख पर नजर

निवेशकों को अब डर है कि RBI का रुख और ज्यादा 'Hawkish' हो सकता है। बढ़ती तेल की कीमतें महंगाई को हवा देती हैं, जिसके चलते सेंट्रल बैंक को ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखना पड़ सकता है। बॉन्ड मार्केट में यील्ड बढ़ने का सीधा मतलब है कि बॉन्ड की कीमतें गिर रही हैं।

लिक्विडिटी और रणनीति में बदलाव

RBI की ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMO) के जरिए लिक्विडिटी मैनेज करने की कोशिश को अब बाजार एक सख्त कदम के रूप में देख रहा है। इस अनिश्चितता को देखते हुए, कर्ज के निवेशकों ने अब लंबी अवधि (long-duration) के बॉन्ड्स से दूरी बनानी शुरू कर दी है। इसके बजाय, निवेशक कम अवधि (short-maturity) वाले सिक्योरिटीज़ को प्राथमिकता दे रहे हैं ताकि बाजार की वोलेटिलिटी (volatility) से बचा जा सके।

फिलहाल, 2 अक्टूबर 2026 को महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर बाजार बंद है। अगले सत्र में निवेशकों की नजर क्रूड ऑयल की चाल और RBI की मौद्रिक नीति पर बनी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.