Indian 10-Year Bond Yields: RBI की सख्ती के बाद भी स्थिर, निवेशकों को क्या संकेत मिल रहे हैं?

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Indian 10-Year Bond Yields: RBI की सख्ती के बाद भी स्थिर, निवेशकों को क्या संकेत मिल रहे हैं?

RBI द्वारा रेपो रेट को **5.50%** तक बढ़ाने के बावजूद भारत के **10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड** **7.40%** के आसपास बने हुए हैं। बाजार में लिक्विडिटी मजबूत होने के कारण निवेशकों को भविष्य की दरों में बढ़ोतरी का पहले से ही अंदाजा था।

भारत के 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड वर्तमान में 7.40% से 7.43% की रेंज में कारोबार कर रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद भी यील्ड में कोई बड़ा उछाल नहीं देखा गया है। इससे यह साफ होता है कि बॉन्ड मार्केट ने इन हाइक्स को पहले ही 'प्राइस-इन' कर लिया था।

बाजार में स्थिरता के कारण

बैंकिंग सेक्टर में पर्याप्त लिक्विडिटी बनी हुई है, जिससे सरकारी सिक्योरिटीज की मांग स्थिर है। यह लिक्विडिटी न केवल बॉन्ड की कीमतों को गिरने से रोक रही है, बल्कि यील्ड को भी एक दायरे में रखने में मदद कर रही है।

भविष्य के अनुमान

ट्रेजरी विशेषज्ञों का मानना है कि चालू फाइनेंशियल ईयर में यील्ड का ऊपरी स्तर 7.6% रह सकता है। वहीं, SBI Research के मुताबिक, मार्च 2027 तक यह गिरकर 6.75% से 7.00% के बीच आ सकती है। इसके लिए सरकारी कर्ज में कमी और आर्थिक स्थिरता का होना जरूरी है।

निवेशकों के लिए जोखिम

हालांकि बाजार फिलहाल स्थिर है, लेकिन कुछ चुनौतियां अब भी बरकरार हैं:

  • क्रूड ऑयल: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई को फिर से बढ़ा सकती हैं।
  • रुपये की चाल: विदेशी निवेशकों (FPI) का बाहर जाना और रुपये में गिरावट RBI के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकती है, जिससे यील्ड पर दबाव बढ़ सकता है।

अगले कुछ दिनों में निवेशकों की नजर RBI की पॉलिसी मीटिंग्स और ग्लोबल क्रूड ऑयल के भाव पर बनी रहनी चाहिए, क्योंकि यही तय करेंगे कि बॉन्ड मार्केट आगे किस दिशा में जाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.