सरकार ने New Development Bank (NDB) के 'Maharaja Bonds' से होने वाली ब्याज आय पर टैक्स छूट का ऐलान किया है। **19 अक्टूबर 2026** से लागू यह नियम भारत के **$7.5 बिलियन** के इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग प्लान को रफ्तार देगा।
टैक्स छूट का असर
भारतीय इनकम टैक्स विभाग ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि NDB द्वारा जारी किए गए रुपया-डिनॉमिनेटेड 'Maharaja Bonds' की ब्याज आय अब टैक्स के दायरे से बाहर होगी। यह नया नियम रेजिडेंट और Foreign Institutional Investors (FIIs) दोनों पर लागू होगा। सरकार का मुख्य मकसद बैंक के लिए फंड जुटाने की लागत को कम करना और घरेलू मार्केट में इन बॉन्ड्स की लिक्विडिटी को बढ़ाना है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ा निवेश
यह फैसला NDB की उस महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अगले पांच साल में भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में $7.5 बिलियन का निवेश करेगी। इसमें $5 बिलियन की संप्रभु ऋण (sovereign lending) और $2.5 बिलियन का रुपया-डिनॉमिनेटेड बॉन्ड प्रोग्राम शामिल है। इस कदम से विदेशी मुद्रा की अस्थिरता का जोखिम कम होगा और भारत अपनी लंबी अवधि की परियोजनाओं के लिए डॉलर पर निर्भर रहने के बजाय रुपये में ही पूंजी जुटा सकेगा।
निवेशकों के लिए आसान हुआ रास्ता
बॉन्ड पर टैक्स छूट के साथ ही, सरकार ने 'Form 173A' भी पेश किया है। यह नया फॉर्म विदेशी निवेशकों, जैसे कि Bank for International Settlements के लिए टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को बहुत आसान बना देगा। पहले विदेशी निवेशकों को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स पर 30% और लॉन्ग टर्म गेन्स पर 12.5% का टैक्स चुकाना पड़ता था, लेकिन अब जटिलताओं को कम करके विदेशी पूंजी के लिए भारतीय डेट मार्केट के दरवाजे और चौड़े कर दिए गए हैं।
मार्केट पर नज़र
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि NDB अपने इस बॉन्ड प्रोग्राम का उपयोग किस तरह से अपने $7.5 बिलियन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए करता है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इन सुधारों के बाद भारतीय बॉन्ड मार्केट में विदेशी भागीदारी और बढ़ने की उम्मीद है।
