भारत सरकार ने सिंगापुर की कंपनी Ant International के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें Alipay+ नेटवर्क को Unified Payments Interface (UPI) के साथ जोड़ने की बात कही गई थी। सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी के लिए खतरा माना है।
सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी की चिंता
इस प्रस्ताव को नामंजूर करने के पीछे सबसे बड़ी वजह Alipay+ की पेरेंट कंपनी Ant International का चीन से जुड़ाव है। भारत सरकार ने पहले भी चीन से जुड़ी कंपनियों के प्रति अपना रुख कड़ा रखा है। जांच एजेंसियों को डर है कि विदेशी पेमेंट नेटवर्क के जरिए भारतीयों का संवेदनशील फाइनेंशियल डेटा सुरक्षित नहीं रहेगा और इसके साइबर-फ्रॉड या बाहरी निगरानी का शिकार होने की आशंका बनी रहेगी।
फिनटेक इंटीग्रेशन पर असर
Ant International के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि वह भारत के तेजी से बढ़ते पेमेंट बाजार में अपनी पैठ बनाना चाहती थी। हालांकि भारत दूसरे देशों जैसे उज्बेकिस्तान के साथ UPI का विस्तार कर रहा है, लेकिन जिन कंपनियों के पीछे चीनी कनेक्शन है, उनके लिए सरकार ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सुविधा के नाम पर देश के डिजिटल फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।
आगे की राह
यह घटना उन फिनटेक कंपनियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है, जिनका स्वामित्व ढांचा जटिल है। अब इन कंपनियों को भारत में एंट्री के लिए बेहद कड़े रेगुलेटरी नियमों का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल इस प्रस्ताव को दोबारा शुरू करने की कोई उम्मीद नहीं है और सरकार डेटा लोकलाइजेशन और सिक्योरिटी पर अपना कड़ा पहरा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
