📉 नतीजों का पूरा विश्लेषण
India Shelter Finance Corporation Limited (ISFC) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी ने प्रमुख परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स में ज़बरदस्त ईयर-ऑन-ईयर (YoY) ग्रोथ दिखाई है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 33% YoY की प्रभावशाली बढ़ोतरी हुई, जो ₹128 करोड़ पर पहुंचा, जबकि तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर यह 5% बढ़ा। कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी लगातार बढ़ोतरी देखी गई, जो 31% YoY और 7% QoQ बढ़कर ₹10,365 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। यह वृद्धि ₹977 करोड़ के लोन डिस्बर्समेंट के कारण संभव हुई, जो 11% YoY की बढ़त है, हालांकि एसेट क्वालिटी पर सावधानी बरतने के कारण यह उम्मीदों से थोड़ा कम रहा।
इस तिमाही में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में काफी सुधार हुआ। रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) बढ़कर 17.1% (200 bps YoY ऊपर) और रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 5.8% (30 bps YoY ऊपर) रहा। कंपनी का नेट वर्थ ₹3,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर ₹3,048 करोड़ हो गया। लोन देने पर मिलने वाला स्प्रेड (Lending Spreads) मजबूत बना हुआ है, जो पोर्टफोलियो और डिस्बर्समेंट दोनों स्तरों पर 6% से ऊपर है और मीडियम-टर्म गाइडेंस के अनुरूप है। फंड की लागत (Cost of Funds) में भी कमी आई है, जिसमें बकेट कॉस्ट 8.3% (-50 bps YoY) और मार्जिनल कॉस्ट 8.1% (-70 bps YoY) दर्ज की गई। ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस (Opex) में, एक बार के लेबर कोड प्रभाव को छोड़कर, YTD आधार पर 26% की बढ़ोतरी हुई, जो AUM ग्रोथ से कम है। इससे Opex to AUM रेशियो सुधरकर 4.0% (-20 bps YoY) हो गया। कंपनी ने इस रेशियो को हर साल 15-20 bps कम करने का लक्ष्य दोहराया है।
🚩 आगे की राह और जोखिम
मैनेजमेंट ने आने वाली तिमाहियों के लिए एक मजबूत आउटलुक पेश किया है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए लोन ग्रोथ करीब 30% रहने का अनुमान है, जो कि 30-35% की गाइडेंस रेंज के भीतर है। फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए AUM ग्रोथ का लक्ष्य 30% रखा गया है, और 2030 तक ₹30,000 करोड़ के AUM का विजन है। इस विस्तार में सालाना 40-45 नई ब्रांचें खोलना और डिजिटल सोर्सिंग को बढ़ाना शामिल है, ताकि भविष्य में 10% डिस्बर्समेंट इसी चैनल से हो सके।
एसेट क्वालिटी की बात करें तो, 31 दिसंबर, 2025 तक ग्रॉस स्टेज-3 एसेट्स 1.5% और नेट स्टेज-3 एसेट्स 1.2% थे। मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया कि स्टेज-3 एसेट्स में मामूली वृद्धि किसी बड़े सिस्टमैटिक स्ट्रेस की वजह से नहीं, बल्कि एक प्रोएक्टिव री-क्लासिफिकेशन का नतीजा थी। डेलिंक्वेंसी (भुगतान में देरी) के स्तर में सुधार हुआ है, और कंपनी का लक्ष्य Q4 FY26 तक स्टेज-3 एसेट्स को 1.3-1.4% और FY27 में सामान्य स्तर 1.2-1.25% तक लाना है। नौ महीनों के लिए क्रेडिट कॉस्ट 0.5% रही, और पूरे साल के लिए यह 40-50 bps रहने का अनुमान है।
हाउसिंग मार्केट के लिए सकारात्मक माहौल, घटती फाइनेंसिंग कॉस्ट और खरीदारों के बढ़ते भरोसे को देखते हुए, India Shelter Finance नियंत्रित और टिकाऊ ग्रोथ हासिल करने की उम्मीद कर रहा है। RBI द्वारा हाल ही में की गई 25 bps रेपो रेट कटौती और PMAY 2.0 जैसे सरकारी पहलों को सेक्टर और कंपनी के बिजनेस मॉडल के लिए सहायक माना जा रहा है।