नतीजे शानदार, शेयर में गिरावट क्यों?
कंपनी के CEO रूपिंदर सिंह ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के मजबूत नतीजों पर खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि बिजनेस में अच्छी रफ्तार और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार के दम पर कंपनी ने 33% की जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ ₹503 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया। वहीं, ग्रॉस एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी 29% बढ़कर ₹11,044 करोड़ तक पहुंच गया। तिमाही नतीजों में रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) 5.9% और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 17.6% रहा। बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, ₹10 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की भी सिफारिश की है।
नतीजों के बावजूद शेयर क्यों फिसला?
इन शानदार नतीजों के बावजूद, 30 अप्रैल को इंडिया शेल्टर फाइनेंस के शेयर में नरमी देखी गई। NSE पर यह शेयर 1.09% की गिरावट के साथ ₹811.10 पर बंद हुआ। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक शायद मुख्य प्रॉफिट फिगर से परे जाकर कुछ और चिंताओं पर ध्यान दे रहे हैं।
रेवेन्यू में गिरावट ने बढ़ाई चिंता
जहां एक ओर कंपनी का प्रॉफिट बढ़ा है, वहीं पिछले चार तिमाहियों में इसका रेवेन्यू 14.5% गिरा है। यह प्रॉफिट ग्रोथ के बिल्कुल उलट है और बताता है कि कंपनी की कमाई का जरिया मार्जिन में बढ़ोतरी या कॉस्ट कटिंग है, न कि बिजनेस वॉल्यूम का बढ़ना। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹8,800 करोड़ है और इसका ट्रेलिंग बारह महीने (TTM) P/E रेश्यो करीब 18.7 है।
एनालिस्ट क्या कहते हैं और रिस्क क्या हैं?
कई एनालिस्ट ने 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और 12 महीने के लिए ₹1000 से ₹1125 का प्राइस टारगेट दिया है, जो अच्छी खासी तेजी का संकेत देता है। हालांकि, रेवेन्यू में आई यह गिरावट एक बड़ी चिंता बनी हुई है, जो मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा या सैचुरेशन की ओर इशारा कर सकती है। हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर पर ब्याज दरों और रेगुलेटरी बदलावों का भी असर पड़ सकता है। 1 जुलाई, 2026 से लागू होने वाले RBI के नए नियमों से कंप्लायंस कॉस्ट बढ़ सकती है। वर्तमान P/E रेश्यो 18.7 तब ज्यादा लग सकता है जब रेवेन्यू में गिरावट जारी रहे।
मैनेजमेंट का आगे का प्लान
आगे चलकर मैनेजमेंट का लक्ष्य FY26 के लिए 30-35% तक लोन ग्रोथ हासिल करना और स्प्रेड को 6% से ऊपर बनाए रखना है। कंपनी टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपने ब्रांच नेटवर्क का विस्तार कर रही है, जो अफोर्डेबल हाउसिंग और सरकारी पहलों से जुड़ा है। प्रस्तावित डिविडेंड शेयरधारकों को रिटर्न देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
