India Shelter Finance: Q3 में मुनाफे का रॉकेट! नेट प्रॉफिट **33%** उछला, एसेट **31%** भड़े

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AuthorAditya Rao|Published at:
India Shelter Finance: Q3 में मुनाफे का रॉकेट! नेट प्रॉफिट **33%** उछला, एसेट **31%** भड़े
Overview

India Shelter Finance Corporation (ISFC) ने Q3 FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **33%** बढ़कर **₹128 करोड़** पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी के ग्रॉस मैनेज्ड एसेट्स (Gross Managed Assets) में भी **31%** का जोरदार उछाल देखने को मिला और यह **₹10,365 करोड़** हो गया।

नतीजों की गहराई: ISFC का प्रदर्शन

India Shelter Finance Corporation Limited (ISFC) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय आंकड़े जारी किए हैं, जिनमें शानदार ग्रोथ और बेहतर एफिशिएंसी का संगम देखने को मिला है।

मुनाफे और एसेट्स में दमदार बढ़त:
पिछले साल की इसी अवधि में ₹96 करोड़ का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) दर्ज करने वाली ISFC ने इस बार ₹128 करोड़ का आंकड़ा पार किया, जो 33% की शानदार सालाना (YoY) ग्रोथ है। नौ महीनों (9MFY26) में कंपनी का नेट प्रॉफिट 37% बढ़कर ₹369 करोड़ पर पहुंच गया। एसेट्स की बात करें तो, ग्रॉस मैनेज्ड एसेट्स (GMA) 31% की तेज रफ्तार से बढ़कर ₹10,365 करोड़ हो गए।

प्रॉफिटेबिलिटी और एफिशिएंसी में सुधार:
कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी के मैट्रिक्स भी उम्मीद से बेहतर रहे। Q3 FY26 में एनुअलाइज्ड रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 5.8% रहा, जबकि रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 17.1% दर्ज किया गया। इस ग्रोथ के पीछे कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉस्ट मैनेजमेंट का बड़ा हाथ है। कंपनी ने अपने ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस (Opex) को GMA के मुकाबले 4.0% तक कम कर लिया, जो पिछले साल 4.2% था। फंड की लागत (Cost of Funds - COF) में भी 50 बेसिस पॉइंट (bps) की कमी आई और यह 8.3% पर आ गई। इन सब का सीधा असर कंपनी के नेट इंटरेस्ट स्प्रेड पर पड़ा, जो 50 bps बढ़कर 6.6% हो गया।

एसेट क्वालिटी पर पैनी नज़र:
हालांकि, जहां एक ओर कंपनी ने ग्रोथ और एफिशिएंसी के मोर्चे पर बढ़त दर्ज की है, वहीं एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में हल्की नरमी दिखी है। ग्रॉस स्टेज 3 (GNPA) एसेट्स पिछले साल के 1.2% की तुलना में बढ़कर 1.5% हो गए। इसी तरह, नेट स्टेज 3 (NNPA) भी 0.9% से बढ़कर 1.2% पर पहुंच गए। यह एक ऐसा पैमाना है जिस पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।

आगे की राह: ग्रोथ और विस्तार की रणनीति
ISFC अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी पर अडिग है। कंपनी टियर II और टियर III शहरों में कम सेवा प्राप्त ग्राहक वर्ग पर फोकस कर रही है, जहां उसके पोर्टफोलियो का 91% हिस्सा केंद्रित है। डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करते हुए, कंपनी ने साल-दर-तारीख (YTD) 35 नए ब्रांच खोले हैं। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और बरोइंग कॉस्ट को और कम करना कंपनी की प्राथमिकताएं हैं। हाल ही में CARE, ICRA और IND RA जैसी एजेंसियों ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को 'AA- (Stable)' तक अपग्रेड किया है, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। आने वाले समय में, कंपनी की नज़रें एसेट ग्रोथ को बनाए रखने और विस्तार के बीच एसेट क्वालिटी को संभालने पर रहेंगी।

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