India Shelter Finance: **29%** Profit Boom! Q3 में **₹124 करोड़** का दमदार नेट प्रॉफिट, प्रमोटर री-क्लासिफिकेशन पर भी नज़र

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India Shelter Finance: **29%** Profit Boom! Q3 में **₹124 करोड़** का दमदार नेट प्रॉफिट, प्रमोटर री-क्लासिफिकेशन पर भी नज़र
Overview

India Shelter Finance Corporation ने Q3 FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **29.1%** की तेज उछाल के साथ **₹124.07 करोड़** दर्ज किया गया है, जबकि कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **28.1%** बढ़कर **₹389.74 करोड़** रहा।

नतीजों की गहराई से पड़ताल (The Financial Deep Dive)

India Shelter Finance Corporation (ISFC) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने अनऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने अपनी आय और मुनाफे दोनों में मजबूत ग्रोथ का प्रदर्शन किया है।

क्या रहे मुख्य आंकड़े?
फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए, ISFC का कंसोलिडेटेड टोटल रेवेन्यू 28.1% बढ़कर ₹389.74 करोड़ रहा, जो पिछले साल की Q3 FY25 के ₹304.25 करोड़ से काफी अधिक है। इसी अवधि में, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (PAT) 29.1% की जोरदार बढ़त के साथ ₹124.07 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹96.14 करोड़ था। Q3 FY26 के लिए बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹11.44 रहा, जो पिछले साल की तुलना में 28.0% अधिक है।

वहीं, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों (9MFY26) के नतीजों पर नजर डालें तो, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 33.7% की ग्रोथ के साथ ₹1,120.31 करोड़ पर पहुंच गया। इस अवधि में कंसोलिडेटेड PAT में 35.5% का प्रभावशाली इजाफा हुआ और यह ₹365.56 करोड़ रहा। 9MFY26 के लिए बेसिक EPS ₹33.79 रहा, जो पिछले साल से 34.4% अधिक है।

क्वालिटी और लिक्विडिटी कैसी है?
कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट मार्जिन 32.63% रहा। एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी कंपनी की स्थिति मजबूत बनी हुई है, जिसमें ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) 1.54% और नेट NPA 1.16% पर हैं। स्टेज 3 एसेट्स पर प्रोविजन कवरेज रेशियो 24.86% है। इसके अलावा, लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) 133.08% पर मजबूत स्थिति में है, जो यह दर्शाता है कि कंपनी के पास अपनी अल्पकालिक देनदारियों को पूरा करने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी मौजूद है। तिमाही के दौरान नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) से प्राप्त राशि का उपयोग आगे की उधारी (Onward Lending) के लिए किया गया, जो व्यवसाय के विकास लक्ष्यों के साथ पूरी तरह से मेल खाता है।

आगे की राह और अहम मुद्दे
India Shelter Finance अपने मुख्य हाउसिंग फाइनेंस व्यवसाय पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहा है। बोर्ड ने ₹1,000 करोड़ तक की नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करके फंड जुटाने की मंजूरी दी है। यह कदम कंपनी की फंडिंग को मजबूत करने और आगे के विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी अपने NCDs के लिए पर्याप्त सुरक्षा कवर और स्वस्थ लिक्विडिटी रेशियो बनाए हुए है, जो इसे लगातार ग्रोथ के लिए तैयार करता है।

🚩 जोखिम और मॉनिटरिंग पॉइंट

इस खबर में एक महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट एक्शन पर नजर रखने की जरूरत है। बोर्ड ने कुछ सदस्यों, जिनमें श्री अनिल मेहता भी शामिल हैं, के प्रमोटर/प्रमोटर ग्रुप कैटेगरी से पब्लिक कैटेगरी में प्रस्तावित री-क्लासिफिकेशन को मंजूरी दे दी है। यह महत्वपूर्ण कदम स्टॉक एक्सचेंजों और शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है। यह भविष्य में कंपनी के स्ट्रक्चर या गवर्नेंस में बदलाव का संकेत दे सकता है, जिस पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.