सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: सरकार बेच रही 8% हिस्सेदारी, ₹2,455 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

BANKINGFINANCE
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AuthorKaran Malhotra|Published at:
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: सरकार बेच रही 8% हिस्सेदारी, ₹2,455 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
Overview

सरकारी की ओर से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपनी 8% तक हिस्सेदारी बेचने की तैयारी है। इस ऑफर फॉर सेल (OFS) से सरकार को करीब ₹2,455 करोड़ मिलने की उम्मीद है। शुक्रवार से संस्थागत निवेशकों के लिए बोली शुरू हो गई है, जबकि रिटेल निवेशकों को सोमवार से मौका मिलेगा। यह सरकारी कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी कम करने की बड़ी योजना का हिस्सा है।

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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी बिक्री

केंद्र सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपनी 8% तक हिस्सेदारी की बिक्री शुरू कर दी है। इस ऑफर फॉर सेल (OFS) का लक्ष्य लगभग ₹2,455 करोड़ जुटाना है। यह प्रक्रिया शुक्रवार, 6 जून को संस्थागत निवेशकों के लिए शुरू हो गई है, और रिटेल निवेशकों के लिए सोमवार, 9 जून को खुलेगी। यह कदम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) में सरकार की हिस्सेदारी कम करने और वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने की सरकारी रणनीति का एक अहम हिस्सा है। वर्तमान में, सरकार की बैंक में लगभग 89.27% हिस्सेदारी है।

वित्तीय स्थिति पर एक नज़र

मई 2026 तक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) लगभग ₹30,702 करोड़ था। 20 मई 2026 को इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 6.88x था, जो इंडस्ट्री के औसत से कम है। प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो लगभग 0.87 है। फाइनेंशियल ईयर 26 के लिए, बैंक ने ₹4,369 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 15.43% अधिक है। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.07% रहा।

विनिवेश का कारण

इस बिक्री से सरकार की उस नीति को बढ़ावा मिलता है, जिसका मकसद पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) को अधिक कुशल और स्वतंत्र बनाना है। सरकार की हिस्सेदारी कम करके और बाजार तक पहुंच बढ़ाकर यह किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय बैंकों की वर्तमान मजबूत वित्तीय स्थिति, जिसमें बैड लोंस का कम होना और मजबूत पूंजी शामिल है, हिस्सेदारी बिक्री के लिए सही समय है। सरकार का लक्ष्य PSB में अपनी हिस्सेदारी को अक्सर 75% से नीचे लाना है, ताकि बाजार-संचालित विकास को प्रोत्साहित किया जा सके।

निवेशकों का रुझान

हालांकि, विश्लेषकों की कोई विशेष रेटिंग उपलब्ध नहीं है, हाल के प्रदर्शन ने पब्लिक सेक्टर बैंकों के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। OFS में सब्सक्रिप्शन का स्तर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में निवेशकों के विश्वास को दर्शाएगा। कुछ विश्लेषकों ने 2026 के मध्य तक स्टॉक के लिए ₹51.41 से ₹67 के बीच टारगेट प्राइस का अनुमान लगाया है, और आम तौर पर 'खरीदें' (Buy) की सलाह है। हालांकि, कुछ तकनीकी संकेतक अल्पावधि में कीमतों में गिरावट की संभावना भी जता रहे हैं।

जोखिमों पर विचार

निवेशकों को संभावित जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए। बैंक पर लगभग ₹1,51,986 करोड़ की आकस्मिक देनदारियां (Contingent Liabilities) हैं। विश्लेषणों से पता चलता है कि ब्याज कवरेज रेशियो कम है और पिछले पांच वर्षों में बिक्री वृद्धि कमजोर रही है। परिचालन संबंधी जोखिमों में आंतरिक प्रक्रियाओं, आईटी सिस्टम और सप्लाई चेन फाइनेंस से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। हाल ही में स्टॉक में गिरावट का रुझान भी देखा गया है, जिसमें और गिरावट की आशंका है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.