जुलाई 2026 में भारतीय बैंकों ने 12.6 लाख नए क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं, लेकिन कुल खर्च की रफ्तार घटकर मात्र 7.4% रह गई है। नए ग्राहकों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन प्रति ट्रांजेक्शन साइज घटने से SBI Cards और HDFC Bank जैसे दिग्गज इश्यूअर्स के लिए मुनाफा कमाना चुनौतीपूर्ण होता दिख रहा है।
भारत के क्रेडिट कार्ड मार्केट में फिलहाल एक बड़ा अंतर (gap) देखने को मिल रहा है—जहाँ कार्ड्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है, वहीं ग्राहकों का खर्च करने का तरीका बदल गया है। जुलाई 2026 में कुल 12.6 लाख नए क्रेडिट कार्ड जारी किए गए, जिससे देश में कुल कार्ड बेस 12.29 करोड़ के पार पहुंच गया है। यह लगातार तीसरा महीना है जब बैंक आक्रामक तरीके से नए ग्राहक जोड़ रहे हैं।
खर्च की रफ्तार क्यों घटी?
बैंक भले ही कार्ड बांटने में सफल रहे हों, लेकिन कुल खर्च में ग्रोथ साल-दर-साल आधार पर केवल 7.4% ही रही है। हालांकि, कुल मासिक खर्च ₹2 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है, लेकिन इसकी धीमी होती गति यह संकेत दे रही है कि आम उपभोक्ता अब खर्च को लेकर अधिक सतर्क हो गया है या फिर उनकी प्राथमिकताएं बदल गई हैं।
छोटे ट्रांजेक्शन बने चुनौती
निवेशकों के लिए एक जरूरी ट्रेंड यह है कि जुलाई में कुल ट्रांजेक्शन की संख्या में 24.5% का उछाल आया है, लेकिन हर ट्रांजेक्शन की औसत वैल्यू 14% तक घट गई है। इसका मतलब साफ है कि लोग अब बड़े खर्च के बजाय छोटे-मोटे रोजमर्रा के कामों के लिए कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। बैंकों के लिए यह चिंता की बात है, क्योंकि छोटे ट्रांजेक्शन से मिलने वाला मुनाफा बड़े खर्चों के मुकाबले कम होता है, खासकर तब जब ग्राहक अपना बकाया समय पर चुका रहे हों।
बड़े प्लेयर्स पर असर
HDFC Bank और SBI Cards अभी भी बाजार में सबसे आगे हैं। जुलाई में HDFC ने 2.30 लाख और SBI Cards ने 1.83 लाख से ज्यादा नए कार्ड जारी किए। लेकिन बाजार इन बैंकों के प्रदर्शन को सावधानी से देख रहा है। SBI Cards ने हाल ही में अपने नेट प्रॉफिट में 19.5% की बढ़ोतरी दर्ज की थी, लेकिन इसके बावजूद कुल स्पेंडिंग मार्केट शेयर में 1.4% की गिरावट चिंता का विषय है।
कुल मिलाकर, बैंक नए ग्राहक तो जोड़ रहे हैं, लेकिन क्या यह निवेश उनके लिए लॉन्ग-टर्म में फायदेमंद साबित होगा? आने वाले क्वार्टर्स में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या बैंक बढ़ते एक्विजिशन कॉस्ट और घटते प्रति-कार्ड खर्च के बीच मुनाफा बनाए रखने में सफल हो पाते हैं या नहीं।
