PMS एसेट्स ₹43.3 लाख करोड़ पार, जून 2026 में डोमेस्टिक निवेशकों का दबदबा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
PMS एसेट्स ₹43.3 लाख करोड़ पार, जून 2026 में डोमेस्टिक निवेशकों का दबदबा

जून 2026 में इंडिया की पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) का कुल एसेट **₹43.3 लाख करोड़** तक पहुंच गया है। यह पिछले महीने की तुलना में **1.8%** की ग्रोथ दिखाता है। क्लाइंट अकाउंट्स में भी **4%** की बढ़ोतरी हुई है, जो अब **2.20 लाख** हो गए हैं। खास बात ये है कि इसमें **95%** एसेट्स डोमेस्टिक निवेशकों के हैं।

Detailed Coverage

PMS सेक्टर में जोरदार उछाल

इंडिया का पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) सेक्टर जून 2026 में काफी तेजी से आगे बढ़ा है। मैनेजमेंट के तहत कुल संपत्ति (AUM) बढ़कर ₹43.3 लाख करोड़ हो गई है। यह पिछले महीने के मुकाबले 1.8% ज्यादा है, जो कि मई में दर्ज 0.5% ग्रोथ से काफी अच्छी रफ्तार है। इसके साथ ही, इंडस्ट्री में नए निवेशक भी जुड़े हैं, जिससे कुल क्लाइंट अकाउंट्स बढ़कर करीब 2.20 लाख हो गए हैं, जो पिछले महीने से 4% ज्यादा है।

डिस्क्रिशनरी सर्विसेज और इनफ्लो

इस ग्रोथ का बड़ा हिस्सा डिस्क्रिशनरी सेगमेंट से आया है, जहाँ PMS प्रोवाइडर अपने क्लाइंट्स की ओर से निवेश के फैसले लेते हैं। इस सेगमेंट के पास इंडस्ट्री की सबसे ज्यादा संपत्ति बनी हुई है। इस महीने इंडस्ट्री में ₹3.55 लाख करोड़ का नेट इनफ्लो देखा गया। यह दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशक प्रोफेशनल मैनेज्ड पोर्टफोलियो में लगातार पैसा लगा रहे हैं।

एसेट एलोकेशन की नई रणनीतियां

निवेशक अब अलग-अलग एसेट क्लास में अपने निवेश को बांट रहे हैं। जून में इक्विटी-आधारित एसेट्स में 1.4% और सिर्फ डेट एसेट्स में 1.2% की बढ़त देखी गई। लेकिन सबसे बड़ा बदलाव म्यूचुअल फंड एलोकेशन में हुआ, जो 14.6% उछल गया। इससे पता चलता है कि PMS प्रोवाइडर अब सीधे स्टॉक या बॉन्ड चुनने के बजाय, क्लाइंट्स के लिए डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाने में म्यूचुअल फंड का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।

डोमेस्टिक निवेशकों का बोलबाला

इंडिया में PMS इंडस्ट्री में डोमेस्टिक निवेशक ही सबसे बड़े खिलाड़ी हैं। ये कुल क्लाइंट अकाउंट्स का 91% और कुल AUM का 95% हिस्सा रखते हैं। जून में डोमेस्टिक AUM में 1.9% की बढ़ोतरी हुई, जिसने फॉरेन एसेट्स में आई 0.2% की मामूली गिरावट को भी संभाला। इस डोमेस्टिक ग्रोथ का एक बड़ा सहारा प्रोविडेंट फंड और EPFO से जुड़े मैंडेट्स हैं, जो अब लगभग 79% डोमेस्टिक PMS एसेट्स का प्रतिनिधित्व करते हैं।

निवेशकों के लिए आगे क्या?

निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि बदलती ब्याज दरों के माहौल में ये एलोकेशन स्ट्रेटेजी कैसी परफॉर्मेंस देती है। चूंकि डेट और म्यूचुअल फंड का हिस्सा पोर्टफोलियो में बढ़ रहा है, इसलिए सेक्टर का प्रदर्शन बॉन्ड यील्ड्स और मार्केट सेंटिमेंट में होने वाले बदलावों के प्रति संवेदनशील रहेगा। निवेशक यह भी देखेंगे कि आने वाले महीनों में म्यूचुअल फंड एलोकेशन में बढ़ोतरी का यह ट्रेंड जारी रहता है या नहीं, क्योंकि यह दिखाता है कि PMS मैनेजर अपने क्लाइंट्स के लिए रिस्क और रिटर्न को कैसे संतुलित कर रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.