India PE/VC Inflows: अगस्त में बरसा पैसा! **$5.7 बिलियन** के निवेश से बाजार में नई हलचल

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AuthorNeha Patil|Published at:
India PE/VC Inflows: अगस्त में बरसा पैसा! **$5.7 बिलियन** के निवेश से बाजार में नई हलचल

अगस्त 2026 में भारत में प्राइवेट इक्विटी (PE) और वेंचर कैपिटल (VC) निवेश में **98%** की जबरदस्त उछाल देखी गई है। कुल निवेश **$5.7 बिलियन** के स्तर पर पहुंच गया है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थकेयर सेक्टर में बड़े बायआउट्स का मुख्य योगदान रहा।

अगस्त 2026 के आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय बाजार में निवेशकों की रणनीति बदल रही है। साल-दर-साल आधार पर देखें तो निवेश में 98% का इजाफा हुआ है। हालांकि कुल डील्स की संख्या पिछले साल की 121 से घटकर 99 रह गई है, लेकिन ट्रांजेक्शन का साइज इतना बड़ा है कि कुल वैल्यू में भारी उछाल आया है।

बड़े सौदों पर दांव

इन्वेस्टर्स अब छोटी स्टार्टअप्स के बजाय बड़ी और मैच्योर कंपनियों पर अपना पैसा लगा रहे हैं। सिर्फ 11 बड़े सौदों ने कुल निवेश का 78% हिस्सा यानी $4.5 बिलियन जुटाया है। इसमें सबसे बड़ी डील KKR द्वारा Medicover India के अधिग्रहण की रही, जो $1.4 बिलियन में पूरी हुई।

सेक्टर का हाल और बायआउट्स का दौर

इन्वेस्टर्स का रुझान स्टेबल और कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर की ओर अधिक है।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर: $1.8 बिलियन
  • हेल्थकेयर: $1.7 बिलियन
  • रियल एस्टेट: $806 मिलियन

इन तीन क्षेत्रों ने कुल निवेश का 75% हिस्सा कब्जा लिया है। इसके साथ ही, 'बायआउट' (कंट्रोलिंग स्टेक लेना) का चलन तेजी से बढ़ा है, जो पिछले साल के $85 मिलियन से बढ़कर $3.6 बिलियन हो गया है, जबकि ग्रोथ इन्वेस्टमेंट्स में 54% की गिरावट आई है।

एग्जिट और फंडरेजिंग

बाजार में लिक्विडिटी का चक्र भी दुरुस्त दिख रहा है। निवेशकों ने $4.5 बिलियन की एग्जिट की है, जिसमें ओपन-मार्केट सेल्स का योगदान $3.5 बिलियन रहा। वहीं, नई फंडरेजिंग में भी $1.5 बिलियन जुटाए गए हैं, जिसमें Accel India का $550 मिलियन का फंड सबसे प्रमुख रहा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.