अक्टूबर 2026 में भारत में प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल निवेश ने **$8.02 अरब** का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। इस उछाल के पीछे Fairfax Financial द्वारा IDBI Bank में **$5.6 अरब** की बड़ी हिस्सेदारी खरीदना मुख्य वजह है, हालांकि इस डील पर बाजार और रेगुलेटरी स्तर पर सवाल भी उठ रहे हैं।
अक्टूबर 2026 में भारत के बाजार में प्राइवेट इक्विटी (PE) और वेंचर कैपिटल (VC) निवेश की बाढ़ सी आ गई। इस महीने कुल निवेश $8.02 अरब दर्ज किया गया, जो इस साल का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। इस रिकॉर्ड उछाल का मुख्य आधार कनाडा की Fairfax Financial Holdings द्वारा IDBI Bank में 60.72% हिस्सेदारी का अधिग्रहण रहा।
यह सौदा लगभग ₹52,878 करोड़ या $5.6 अरब का है, जो भारतीय बैंकिंग सेक्टर में हाल के समय का सबसे बड़ा विदेशी निवेश माना जा रहा है। इसके साथ ही साल 2026 के पहले दस महीनों का कुल निवेश $39.77 अरब तक पहुंच गया है, जिसने साल 2025 के $39.07 अरब के कुल आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया है।
बाजार की मिली-जुली प्रतिक्रिया
जहां हेडलाइन नंबर्स मजबूत दिख रहे हैं, वहीं IDBI Bank की डील पर मार्केट का रुख थोड़ा सतर्क है। घोषणा के तुरंत बाद शेयर में 7.5% तक की गिरावट देखी गई। निवेशकों की चिंता की मुख्य वजह ₹81 प्रति शेयर का ऑफर प्राइस है, जिसे मार्केट वैल्यू के मुकाबले डिस्काउंट पर रखा गया है। इससे वैल्यूएशन और माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के हितों को लेकर बहस छिड़ गई है।
रेगुलेटरी चुनौतियां और रिस्क
इस डील को अभी कई बाधाएं पार करनी हैं, जिसमें Reserve Bank of India और Competition Commission of India की मंजूरी शामिल है। Fairfax के लिए सबसे बड़ी चुनौती CSB Bank में अपनी मौजूदा होल्डिंग है। RBI ने स्पष्ट कर दिया है कि Fairfax को 2 साल के भीतर या तो इन दोनों का मर्जर करना होगा या फिर एक में अपनी हिस्सेदारी बेचनी होगी। इसके अलावा, बिडिंग प्रक्रिया को लेकर गवर्नेंस के सवालों ने भी अनिश्चितता बढ़ा दी है।
अन्य बड़े निवेश
अक्टूबर में बैंकिंग के अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर भी चमकता दिखा। KKR ने PETRONAS की यूनिट Gentari में $632 मिलियन और Brookfield ने ESR India के पोर्टफोलियो में $450 मिलियन का बड़ा निवेश किया है। यह दर्शाता है कि बड़े इंस्टीट्यूशनल निवेशक अब स्टार्टअप्स के बजाय फिजिकल और लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजिक एसेट्स पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं।
