सुरक्षा के लिए बड़ा कदम
भारत सरकार ने फारस की खाड़ी (Persian Gulf) क्षेत्र में जहाजों का बीमा करने वाली कंपनियों को सहारा देने के लिए $1.5 अरब (लगभग ₹12,000 करोड़) का सॉवरेन गारंटी फंड (Sovereign Guarantee Fund) बनाने का ऐलान किया है। यह कदम मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते संघर्ष से जहाजों के लिए बढ़ते जोखिमों को दूर करने के लिए उठाया गया है।
इसके अलावा, भारत का बीमा उद्योग भी क्षेत्रीय दुश्मनी के कारण बढ़े बीमा दावों (Insurance Claims) से निपटने के लिए $300 मिलियन (लगभग ₹2,500 करोड़) का एक अलग फंड स्थापित करेगा। क्षेत्र में युद्ध जोखिम बीमा प्रीमियम (War Risk Insurance Premiums) में 1,000% तक की भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे जहाज मालिकों, व्यापारियों और ऊर्जा कंपनियों के लिए लागत काफी बढ़ गई है।
बीमा कंपनियों का भरोसा बहाल
उद्योग के सूत्रों के अनुसार, भारत के बीमा नियामक (Insurance Regulator) बाजार के खिलाड़ियों के साथ आवश्यक समर्थन पर परामर्श कर रहे हैं। सॉवरेन गारंटी से घरेलू बीमाकर्ताओं का विदेशी पुनर्बीमाकर्ताओं (Foreign Reinsurers) पर निर्भरता कम होगी, जिससे उन्हें कवरेज जारी रखने का आत्मविश्वास मिलेगा। यह इन महत्वपूर्ण जलमार्गों से शिपिंग को फिर से शुरू करने में मदद कर सकता है।
बढ़ते जोखिम क्षेत्र और प्रीमियम
युद्ध-जोखिम बीमा, जो मानक पॉलिसियों से अलग खरीदा जाता है, के तहत संघर्ष क्षेत्रों में जहाजों के लिए दरें आसमान छू गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बीमाकर्ता दरों को समायोजित कर रहे हैं और 'जोखिम भरे क्षेत्रों' (Risky Zones) का दायरा बढ़ाकर जलडमरूमध्य होर्मुज (Strait of Hormuz) से परे लाल सागर (Red Sea) और अरब सागर (Arabian Sea) के कुछ हिस्सों तक फैला दिया है।
प्रमुख पुनर्बीमाकर्ताओं (Reinsurers) द्वारा कवर वापस लेने या प्रीमियम में तेज वृद्धि करने के साथ, बीमा बाजार में समर्थन बहुत कम बचा है। यहां तक कि जलडमरूमध्य होर्मुज (Strait of Hormuz) जैसे प्रमुख व्यापारिक मार्गों के फिर से खुलने पर भी, बीमाकर्ता लंबे समय तक युद्ध-जोखिम मूल्य निर्धारण (War-Risk Pricing) को उच्च रहने की उम्मीद करते हैं। यह लगातार उच्च मूल्य निर्धारण सुरक्षा चिंताओं और व्यवधानों की संभावित पुनरावृत्ति को दर्शाता है। भारत का सॉवरेन-समर्थित पूल फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के माध्यम से बीमाकर्ताओं के विश्वास को बहाल करने और शिपिंग लागत को कम करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।