भारतीय प्राइमरी मार्केट ने इतिहास रच दिया है! फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में कंपनियों ने **₹2.43 लाख करोड़** का फंड जुटाया है, जो पिछले साल के मुकाबले **75%** ज्यादा है। इस तूफानी तेजी के पीछे JM Financial और ICICI Securities का बड़ा हाथ रहा है।
प्राइमरी मार्केट में ऐतिहासिक तेजी
भारत के प्राइमरी मार्केट के लिए वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही एक मील का पत्थर साबित हुई है। कुल फंड जुटाने का आंकड़ा ₹2.43 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो कि पिछले साल की समान अवधि के ₹1.39 लाख करोड़ से 75% अधिक है। मजे की बात यह है कि इस पूरी हलचल का 96% हिस्सा अकेले जुलाई-सितंबर तिमाही में देखने को मिला।
ब्रोकरेज हाउसेस का दबदबा
इस दौरान JM Financial ने 22 मुख्य बोर्ड IPO को मैनेज किया, जिनका कुल इश्यू वैल्यू ₹75,775 करोड़ रहा। वहीं, ICICI Securities ₹73,310 करोड़ के इश्यू के साथ दूसरे नंबर पर रही। कंपनियों के बीच यह होड़ अपनी ग्रोथ योजनाओं के लिए फंड जुटाने और बेहतर लिक्विडिटी का लाभ उठाने की वजह से रही है।
निवेशकों का उत्साह और लिस्टिंग गेन्स
निवेशकों की भूख इस कदर थी कि 64 में से 42 IPO को 10 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया गया। पिछले साल जहां लिस्टिंग के दिन औसतन 7% का रिटर्न मिलता था, वह इस बार बढ़कर 19% हो गया है।
क्या है आगे का रिस्क?
भले ही बाजार में जोश हो, लेकिन एक्सपर्ट्स आगाह कर रहे हैं। जियो-पॉलिटिकल टेंशन और एनर्जी प्राइसेस में अस्थिरता के कारण अब निवेशक 'मोमेंटम' के बजाय 'क्वालिटी' पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। फिलहाल 145 कंपनियों को SEBI से मंजूरी मिल चुकी है, जो आने वाले समय में ₹2.78 लाख करोड़ तक जुटा सकती हैं। अब देखना यह है कि क्या बाजार इन नई इश्यूज की वैल्युएशन को पचा पाएगा या नहीं।
