Gold Loan Market: गोल्ड लोन का बाजार हुआ ₹5.52 लाख करोड़ का, 2 साल में आया 4.4 गुना उछाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Gold Loan Market: गोल्ड लोन का बाजार हुआ ₹5.52 लाख करोड़ का, 2 साल में आया 4.4 गुना उछाल

भारत का गोल्ड लोन मार्केट तेजी से फैल रहा है। जुलाई 2026 तक यह ₹5.52 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। बैंकों का अब अनसिक्योर्ड लोन के बजाय सुरक्षित गोल्ड लोन की ओर झुकाव बढ़ा है।

बाजार में बड़ा बदलाव

जुलाई 2024 में यह आंकड़ा केवल ₹1.24 लाख करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹5.52 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। यानी महज 2 साल में इसमें 4.4 गुना की शानदार बढ़ोतरी हुई है। अब देश के पर्सनल क्रेडिट पूल में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी 7.7% हो गई है, जो पहले 2.2% हुआ करती थी।

अनसिक्योर्ड लोन, जैसे क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन में बढ़ते डिफॉल्ट और रेगुलेटरी सख्ती के चलते बैंकों ने अब सोने की गिरवी पर लोन देना ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना है।

क्यों बढ़ रही है डिमांड?

इस ग्रोथ के पीछे दो बड़ी वजहें हैं:

  1. RBI के नियम: छोटे कर्जदारों के लिए ₹2.5 लाख तक के लोन पर गोल्ड वैल्यू का 85% तक फाइनेंस मिलना आसान हो गया है।
  2. सोने की चमक: सोने की कीमतें ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास होने से ग्राहकों की उधार लेने की क्षमता (Borrowing Capacity) भी बढ़ गई है।

क्षेत्रीय विस्तार और जोखिम

दक्षिण भारत का दबदबा अभी भी कायम है, जहां से कुल गोल्ड लोन का 70% आता है। हालांकि, अब उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी इसकी रफ्तार तेज हो रही है।

निवेशकों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आती है, तो बैंकों को अतिरिक्त कोलेटरल की मांग करनी पड़ सकती है। साथ ही, Muthoot Finance और Manappuram Finance जैसी NBFC कंपनियों के लिए अब कमर्शियल बैंकों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.