Global Fintech Fest 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Fintech कंपनियों को केवल पेमेंट तक सीमित न रहने की सलाह दी है। उन्होंने कंपनियों को क्रेडिट, इंश्योरेंस और पेंशन जैसे क्षेत्रों में विस्तार करने और Agentic AI जैसी तकनीकों के साथ डेटा सुरक्षा पर फोकस करने को कहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest 2026 में भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री के लिए एक नया विजन पेश किया है। अब तक भारतीय फिनटेक का चेहरा बने UPI ने हर महीने 2,400 करोड़ से ज्यादा ट्रांजेक्शन का आंकड़ा पार कर लिया है, लेकिन पीएम मोदी का मानना है कि अब विकास के लिए क्रेडिट, सेविंग्स, इंश्योरेंस और पेंशन जैसे क्षेत्रों में पैठ बढ़ाना जरूरी है।
रेवेन्यू मॉडल में बड़े बदलाव के संकेत
अब तक फिनटेक कंपनियां हाई-वॉल्यूम और लो-मार्जिन वाले पेमेंट मॉडल पर टिकी थीं। लेकिन अब लेंडिंग और इंश्योरेंस में जाने से कंपनियों की कमाई के नए रास्ते खुलेंगे। हालांकि, इसके साथ ही कंपनियों पर रिस्क मैनेजमेंट और बेहतर कैपिटल हैंडलिंग का दबाव भी बढ़ेगा।
4-पॉइंट फ्रेमवर्क का ऐलान
प्रधानमंत्री ने इंडस्ट्री के लिए चार मुख्य प्राथमिकताएं तय की हैं:
- साइबर सुरक्षा: डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों को रोकना पहली प्राथमिकता है।
- डेटा प्रोटेक्शन: यूजर्स का भरोसा बनाए रखने के लिए एथिकल डेटा स्टैंडर्ड्स अनिवार्य हैं।
- रेगुलेटरी तालमेल: सरकार चाहती है कि रेगुलेटर्स और फिनटेक इनोवेटर्स मिलकर काम करें।
- कंज्यूमर प्रोटेक्शन इंडेक्स: कंपनियों की पारदर्शिता मापने के लिए एक नया रेटिंग सिस्टम लाया जाएगा।
तकनीक का इस्तेमाल और भविष्य
इस बदलाव में Agentic AI, टोकनाइजेशन और क्वांटम कंप्यूटिंग की अहम भूमिका होगी। इन तकनीकों के जरिए छोटे दुकानदारों के डिजिटल ट्रांजेक्शन पैटर्न को समझकर उन्हें आसानी से लोन दिया जा सकेगा।
वहीं, जापान की एक एजेंसी द्वारा भारत की सॉवरेन रेटिंग को A- अपग्रेड करना भारतीय इकोनामी के लिए एक बड़ा बूस्ट है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि लेंडिंग सेक्टर में उतरने वाली कंपनियों के लिए कड़े रेगुलेटरी नियमों का पालन करना और डेटा प्राइवेसी को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
