भारत का Unified Payments Interface (UPI) अब Uzbekistan में भी अपनी सेवाएं शुरू करेगा। इस साझेदारी के जरिए भारतीय यात्री वहां QR कोड स्कैन कर आसानी से पेमेंट कर पाएंगे।
डिजिटल पेमेंट की नई उड़ान
भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम ने एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। NPCI International Payments Ltd (NIPL) ने Uzbekistan के National Interbank Processing Centre (NIPC) के साथ एक रणनीतिक समझौता किया है। इस करार के साथ Uzbekistan, UPI अपनाने वाला दुनिया का 10वां देश बन गया है।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
इस पार्टनरशिप से वहां जाने वाले भारतीय पर्यटकों, छात्रों और व्यापारियों को बड़ा फायदा होगा। अब वे अपने UPI ऐप्स के जरिए Uzbekistan के 'UZQR' कोड को स्कैन करके सीधे पेमेंट कर पाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया HUMO नेटवर्क के जरिए प्रोसेस होगी। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बदलने का झंझट खत्म होगा, बल्कि कैश की निर्भरता भी कम होगी।
क्या है बड़ा लक्ष्य?
दोनों देशों ने 2030 तक 5 बिलियन डॉलर का सालाना द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य रखा है। इस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के जुड़ने से रिटेल ट्रेड आसान होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
अभी करना होगा इंतज़ार
हालांकि यह समझौता ऐतिहासिक है, लेकिन इसे पूरी तरह रोलआउट होने में करीब 1 साल का वक्त लग सकता है। तकनीकी और रेगुलेटरी चुनौतियों, जैसे डेटा प्राइवेसी, AML (Anti-Money Laundering) और KYC नियमों के पालन के लिए दोनों देशों की टीमें मिलकर काम कर रही हैं। निवेशकों की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि HUMO नेटवर्क पर मर्चेंट अडॉप्शन की रफ़्तार कितनी तेज रहती है।
