NSDL की कमाई बम्पर, CDSL के मुनाफे में भारी गिरावट! | दोनों डिपॉजिटरी के नतीजों ने निवेशकों को किया हैरान

BANKINGFINANCE
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
NSDL की कमाई बम्पर, CDSL के मुनाफे में भारी गिरावट! | दोनों डिपॉजिटरी के नतीजों ने निवेशकों को किया हैरान
Overview

इंडिया की दो मुख्य स्टॉक डिपॉजिटरी, NSDL और CDSL, के नतीजे सामने आए हैं और दोनों की हालत में ज़मीन-आसमान का फर्क दिख रहा है। NSDL ने Q4 में **26%** रेवेन्यू ग्रोथ का दम दिखाया, लेकिन ऑपरेटिंग खर्चों के बढ़ने से मुनाफा महज़ **8%** ही बढ़ पाया। दूसरी ओर, CDSL के रेवेन्यू में **17%** की बढ़ोतरी के बावजूद, मुनाफा **20%** लुढ़क गया क्योंकि इसके प्रॉफिट मार्जिन टाइट हो गए। एनालिस्ट दोनों स्टॉक्स को लेकर सतर्क हैं, क्योंकि उनकी मौजूदा वैल्युएशन पहले से ही काफी बढ़ी हुई हैं।

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नतीजों में बड़ा अंतर: NSDL ने कैसे मारी बाज़ी, CDSL क्यों पिछड़ा?

भारत की दो प्रमुख स्टॉक डिपॉजिटरी, नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी (NSDL) और सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (CDSL), के मार्च तिमाही के नतीजे सामने आए हैं और दोनों की कहानी एकदम जुदा है। NSDL का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 26% बढ़कर ₹458.25 करोड़ पर पहुंच गया। लेकिन, कंपनी का ऑपरेटिंग खर्च 30% बढ़ जाने के कारण, नेट प्रॉफिट में बढ़ोतरी महज़ 8.17% रही और यह ₹90.1 करोड़ रहा। इससे कंपनी के EBITDA मार्जिन भी घटकर 22.7% रह गए, जो पिछले साल 29.9% थे।

वहीं, CDSL का रेवेन्यू 17.1% बढ़कर ₹262.85 करोड़ हुआ, मगर शुद्ध मुनाफा 20% गिरकर ₹80.22 करोड़ पर आ गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन 44.4% से घटकर 48.7% पर आ गए। इसके पीछे टेक्नोलॉजी और ऑपरेशंस में ज़्यादा निवेश को वजह बताया जा रहा है।

मार्केट पोजीशन, एनालिस्ट की राय और जोखिम

NSDL, जो मार्केट में लिस्ट हुई है, एसेट्स अंडर कस्टडी (Assets Under Custody) के मामले में आगे है, जिसके तहत मार्च 2025 तक ₹464 लाख करोड़ का वैल्यू मैनेज हो रहा है। इसके पास 65,391 सर्विस सेंटर का एक बड़ा नेटवर्क भी है। इसके तिमाही नतीजों में मज़बूत रेवेन्यू ग्रोथ दिखी, पर लागत प्रबंधन की चुनौतियां भी सामने आईं। मार्च 2026 तक NSDL के शेयर उसके IPO प्राइस ₹800 से नीचे कारोबार कर रहे थे।

दूसरी ओर, CDSL रिटेल सेगमेंट में 18 करोड़ से ज़्यादा डीमैट खातों के साथ राज कर रहा है और रिटेल मार्केट का 80% हिस्सा रखता है। इसके पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए नेट प्रॉफिट में 14% की गिरावट (जो ₹455 करोड़ था) दिखी। CDSL का प्रीमियम वैल्यूएशन, लगभग 55-60x P/E के साथ, तब और भी कमजोर दिख सकता है अगर मुनाफे की ग्रोथ धीमी पड़ जाए। नए डीमैट खातों के जुड़ने की रफ़्तार धीमी पड़ने से भी ट्रांजैक्शन रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है।

Axis Capital ने दोनों स्टॉक्स पर 'Add' रेटिंग दी है, NSDL के लिए ₹1,000 और CDSL के लिए ₹1,425 का टारगेट प्राइस रखा है, और भारत के कैपिटल मार्केट्स की मज़बूत संरचना का हवाला दिया है। वहीं, Motilal Oswal ने दोनों पर 'Neutral' यानी तटस्थ रुख बनाए रखा है, उनका कहना है कि शेयर की मौजूदा कीमतें भविष्य की ग्रोथ को पहले ही दर्शा रही हैं। NSDL के ऑपरेटिंग खर्चों में 30% की भारी वृद्धि (YoY) और CDSL के मार्जिन में कमी, दोनों ही नज़दीकी भविष्य की चिंताएं हैं।

आगे का आउटलुक

एनालिस्ट्स सेक्टर के लिए मिली-जुली उम्मीदें रखते हैं, खासकर भारत की आर्थिक ग्रोथ और वित्तीय समावेशन को देखते हुए। NSDL के लिए, अनुमान है कि FY26 से FY28 तक रेवेन्यू में 11% और मुनाफे में 15% की ग्रोथ दिखेगी। CDSL के लिए, अनुमान है कि FY26 से FY28 तक रेवेन्यू में 15% और मुनाफे में 18% की सालाना ग्रोथ मिलेगी। हालांकि, NSDL के लागत नियंत्रण और CDSL के मार्जिन की स्थिरता पर नज़र रखी जाएगी। कुछ एनालिस्ट्स की 'Neutral' रेटिंग दर्शाती है कि शेयर की कीमतों में ज़्यादातर ग्रोथ पहले ही शामिल हो चुकी है, इसलिए निवेशकों को अभी थोड़ा सावधान रहने की ज़रूरत है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.