India Credit Card Spends: जुलाई में ₹2 लाख करोड़ के पार खर्च, लेकिन बढ़ रही कर्ज की चिंता

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AuthorMehul Desai|Published at:
India Credit Card Spends: जुलाई में ₹2 लाख करोड़ के पार खर्च, लेकिन बढ़ रही कर्ज की चिंता

भारतीय क्रेडिट कार्ड खर्च ने जुलाई 2026 में लगातार तीसरे महीने ₹2 लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, जो कुल ₹2.08 लाख करोड़ रहा। देश में अब 12.28 करोड़ से ज़्यादा कार्ड सर्कुलेशन में हैं, जो उपभोक्ता की मजबूत सक्रियता को दर्शाता है। हालांकि, विश्लेषक कर्ज के बढ़ते तनाव पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं।

लगातार तीसरे महीने ₹2 लाख करोड़ के पार

भारतीय बाज़ार में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में कुल क्रेडिट कार्ड खर्च ₹2.08 लाख करोड़ दर्ज किया गया। यह लगातार तीसरा महीना है जब यह आंकड़ा ₹2 लाख करोड़ के पार गया है। इस साल के पहले सात महीनों में औसत मासिक खर्च बढ़कर ₹2 लाख करोड़ हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि के ₹1.93 लाख करोड़ से ज़्यादा है।

कार्ड बेस में बढ़ोतरी और बैंकों की रणनीति

सर्कुलेशन में सक्रिय क्रेडिट कार्डों की संख्या भी बढ़ी है। जुलाई 2026 तक यह बढ़कर 12.28 करोड़ हो गई, जो जुलाई 2025 के 11.16 करोड़ से काफी ज़्यादा है। बाज़ार में बड़ी हिस्सेदारी रखते हुए प्राइवेट सेक्टर बैंक अब भी हावी हैं, लेकिन पब्लिक सेक्टर बैंक भी तेज़ी से अपना ग्राहक आधार बढ़ा रहे हैं। वहीं, विदेशी बैंकों ने अपने आउटस्टैंडिंग कार्ड घटाकर 42.4 लाख कर लिए हैं, जो जुलाई में 1.2 लाख की कमी दर्शाता है। इसके बावजूद, विदेशी बैंक प्रीमियम ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे प्रति कार्ड उनका खर्च ज़्यादा रहता है।

प्रमुख बैंकों का प्रदर्शन

प्रमुख क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंकों के प्रदर्शन में मिला-जुला रुख देखने को मिला। HDFC बैंक, जो सबसे बड़ा इश्यूअर है, का खर्च साल-दर-साल 11.93% बढ़कर ₹60,217.54 करोड़ रहा। इसने जुलाई में 2.30 लाख से ज़्यादा नए कार्ड जारी किए। पब्लिक सेक्टर के बड़े खिलाड़ी SBI Card ने खर्च में 21.6% की ज़बरदस्त ग्रोथ दिखाते हुए ₹39,591.76 करोड़ का आंकड़ा छुआ। वहीं, ICICI बैंक के खर्च में 5.9% की गिरावट आई और यह ₹34,025.27 करोड़ पर आ गया। Axis बैंक का खर्च मामूली 4.6% बढ़कर ₹23,824.7 करोड़ रहा।

असुरक्षित कर्ज का बढ़ता जोखिम

उपभोक्ताओं की मजबूत खर्च क्षमता के बावजूद, असुरक्षित कर्ज (Unsecured Credit) सेगमेंट पर चिंताएं बढ़ रही हैं। विश्लेषकों और रेटिंग एजेंसियों ने ऐसे कर्ज़दारों की संख्या में वृद्धि देखी है जो समय पर भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। मार्च 2026 तक कुल बकाया क्रेडिट कार्ड कर्ज लगभग ₹3.1 लाख करोड़ था, जिससे उपभोक्ताओं पर ज़्यादा कर्ज होने की चिंताएं बढ़ रही हैं। कई ग्राहक एक साथ कई क्रेडिट प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे लेंडर्स के लिए उनकी कुल कर्ज देनदारी का आकलन करना मुश्किल हो रहा है। त्योहारी सीजन नज़दीक आ रहा है, जिसमें खर्च और भी बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में, बैंकों के लिए अपनी एसेट क्वालिटी बनाए रखते हुए ग्रोथ हासिल करना एक बड़ी चुनौती होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.