India Credit Card: 12.15 करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा, 2 साल की सबसे तेज़ ग्रोथ!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India Credit Card: 12.15 करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा, 2 साल की सबसे तेज़ ग्रोथ!

भारत के क्रेडिट कार्ड मार्केट में जून 2026 में ज़बरदस्त रफ़्तार देखी गई। पिछले 2 सालों में सबसे ज़्यादा, यानी 1.14 मिलियन नए क्रेडिट कार्ड जारी किए गए। अब देश भर में कुल कार्ड की संख्या 12.15 करोड़ से ज़्यादा हो गई है, और हर महीने खर्च ₹2 लाख करोड़ के पार बना हुआ है। HDFC Bank और SBI Cards जैसी बड़ी कंपनियां इस ग्रोथ में सबसे आगे हैं।

Detailed Coverage

रिकॉर्डतोड़ नई क्रेडिट कार्ड जारी

जून 2026 में भारतीय क्रेडिट कार्ड सेक्टर ने पिछले 24 महीनों की सबसे तेज़ ग्रोथ दर्ज की। इस महीने में बैंकों ने कुल 1.14 मिलियन (11.4 लाख) नए क्रेडिट कार्ड जारी किए, जिससे देश भर में कुल कार्ड की संख्या बढ़कर 121.5 मिलियन (12.15 करोड़) हो गई है। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब 2023 के आखिर में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सिस्टमैटिक रिस्क को कंट्रोल करने के लिए अनसिक्योर्ड लोन पर कड़े नियम लागू किए थे।

मार्केट लीडर्स का जलवा

बड़े प्राइवेट और सरकारी बैंकों ने इस विस्तार में अहम भूमिका निभाई है। देश के सबसे बड़े क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंक, HDFC Bank ने जून में 163,000 नए नेट कार्ड जोड़े। SBI Cards ने 162,000 नए कार्ड जारी किए, जबकि ICICI Bank ने 151,000 कार्ड जोड़े। Federal Bank ने भी अच्छी प्रगति दिखाते हुए 101,000 नए कार्ड जारी किए। Federal Bank के मैनेजिंग डायरेक्टर KVS Manian ने बताया कि बैंक Standard Chartered India के एक्वायर किए गए क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो को इंटीग्रेट करने पर काम कर रहा है, और यह प्रक्रिया 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।

खर्च के पैटर्न और इकोनॉमिक सीन

नई क्रेडिट कार्ड जारी करने की रफ़्तार बढ़ने के साथ-साथ, ग्राहकों का खर्च करने का तरीका भी स्थिर बना हुआ है। लगातार दूसरे महीने, भारत में कुल क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन ₹2 लाख करोड़ के पार रहा। जून 2026 में कुल खर्च ₹2.01 लाख करोड़ दर्ज किया गया, जो मई के ₹2.02 लाख करोड़ से मामूली कम है। हालांकि, पिछले साल जून 2025 की तुलना में इस साल जून में इंडस्ट्री में 9.8% की वृद्धि देखी गई, जब खर्च ₹1.83 लाख करोड़ था।

खर्च के मामले में HDFC Bank का दबदबा कायम है, जो कुल खर्च का लगभग 29.5% यानी ₹59,432 करोड़ है। SBI Cards दूसरे नंबर पर है, जिसका मार्केट शेयर 20.4% है और कुल ट्रांजैक्शन ₹41,077 करोड़ रहा।

आगे की ग्रोथ के फैक्टर

निवेशकों और मार्केट जानकारों के लिए यह देखना अहम होगा कि बैंक किस तरह से आक्रामक कस्टमर एक्विजिशन और इन पोर्टफोलियो की क्रेडिट क्वालिटी के बीच संतुलन बनाते हैं। भले ही इंडस्ट्री RBI के हायर रिस्क-वेट नॉर्म्स के शुरुआती झटके से उबर चुकी है, लेकिन लंबे समय तक प्रॉफिटेबल बने रहने के लिए हेल्दी रीपेमेंट लेवल बनाए रखना ज़रूरी होगा। साथ ही, जैसे-जैसे बैंक अपने कार्ड बिजनेस को बढ़ाने की ओर बढ़ रहे हैं, एक्वायर्ड पोर्टफोलियो को इंटीग्रेट करने की क्षमता (जैसा कि Federal Bank के मामले में देखा गया है) और प्रीमियम ग्राहकों के लिए कॉम्पिटिशन आने वाले क्वार्टर्स में अहम ट्रेंड्स रहेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.