भारतीय बैंकों के शेयर दो हिस्सों में बंटे! PSU बैकों में तूफानी तेजी, प्राइवेट बैंकों पर दबाव

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AuthorNeha Patil|Published at:
भारतीय बैंकों के शेयर दो हिस्सों में बंटे! PSU बैकों में तूफानी तेजी, प्राइवेट बैंकों पर दबाव
Overview

सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को भारतीय बैंक शेयरों में साफ बंटवारा देखने को मिला। पब्लिक सेक्टर लेंडर्स (PSU Banks), बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के नेतृत्व में, शानदार Q4FY26 नतीजों के कारण **1.5%** चढ़े। वहीं, दूसरी ओर Nifty प्राइवेट बैंक इंडेक्स **0.27%** लुढ़क गया।

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PSU बैंक क्यों चमके?

सरकारी बैंकों (PSU Banks) में निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखा। Nifty PSU Bank इंडेक्स 1.5% की बढ़त के साथ बंद हुआ। बैंक ऑफ बड़ौदा (4.4%) और बैंक ऑफ महाराष्ट्र (4.6%) जैसे शेयरों ने इस तेजी का नेतृत्व किया। इन बैंकों ने कुल बिजनेस में 14% और 18% से अधिक की सालाना ग्रोथ दर्ज की।

प्राइवेट बैंकों पर दबाव क्यों?

इसके विपरीत, Nifty प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.27% नीचे आ गया। IndusInd Bank का शेयर 1% गिरा, क्योंकि इसके नेट एडवांसेन्स (Net Advances) 8.7% घटकर ₹3,15,154 करोड़ रह गए। IDFC First Bank के शेयर 1.7% गिरे, हालांकि इसके लोन ग्रोथ 20% रही। बैंक ने साल के अंत के टैक्स और पश्चिम एशिया संकट का जिक्र किया, जबकि इसका CASA रेश्यो घटकर 49.8% पर आ गया। HDFC Bank में 0.7% की इंट्राडे गिरावट दिखी, भले ही इसके एडवांसेन्स 10.2% और डिपॉजिट 14.4% बढ़े। Motilal Oswal ने HDFC Bank पर 'Buy' रेटिंग दी है, और इसके डिपॉजिट ग्रोथ को उम्मीद से बेहतर बताया है। RBL Bank ने 3.4% की बढ़त दर्ज की।

फंड की लागत और मार्जिन पर असर

यह अंतर बैंकिंग सेक्टर की अलग-अलग कॉम्पिटिटिव स्ट्रेंथ और फंड जुटाने की स्ट्रेटेजी को दिखाता है। कुल मिलाकर, क्रेडिट ग्रोथ डिपॉजिट ग्रोथ से आगे निकल रही है, जिससे फंड की मांग बढ़ी है और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव आ रहा है। सिस्टम-वाइड क्रेडिट ग्रोथ 13.5% के आसपास थी, जबकि डिपॉजिट ग्रोथ लगभग 11% रही। इससे प्राइवेट बैंकों के लिए फंड की लागत बढ़ी है।

वैल्युएशन और भविष्य का आउटलुक

PSU बैंक, जो कि कम P/E मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रहे हैं (जैसे बैंक ऑफ बड़ौदा का लगभग 6.75), स्थिर ग्रोथ और सरकारी समर्थन से फायदा उठा रहे हैं। IDFC First Bank जैसे बैंक, जिनका P/E रेशियो 32.90 है, कम लागत वाले डिपॉजिट के बिना लोन बुक बढ़ाने में चुनौती का सामना कर रहे हैं। IndusInd Bank का नेगेटिव P/E रेशियो (-29.85) अर्निंग्स पर बड़े असर का संकेत देता है। HDFC Bank का P/E लगभग 14.93 है, जो PSU से ज्यादा है।

विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर में ग्रोथ जारी रहेगी। Motilal Oswal को FY27 में क्रेडिट ग्रोथ 13.5% रहने की उम्मीद है। फंड की लागत और एसेट क्वालिटी पर मैनेजमेंट की पकड़ आगे चलकर महत्वपूर्ण होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.