Bond Yields: 10-Year Bond Yield ने तोड़ा **7%** का स्तर, ग्लोबल टेंशन से घबराए निवेशक

BANKINGFINANCE
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bond Yields: 10-Year Bond Yield ने तोड़ा **7%** का स्तर, ग्लोबल टेंशन से घबराए निवेशक

भारतीय 10-Year गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड **7%** के पार पहुंच गई है, जो **3** महीने का उच्चतम स्तर है। ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें और यूएस ट्रेजरी यील्ड में उछाल से भारतीय इक्विटी मार्केट पर दबाव बढ़ गया है।

शुक्रवार को भारत की 10-Year गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड 7% के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई। बॉन्ड मार्केट में यह गिरावट एक बड़े ग्लोबल ट्रेंड का हिस्सा है, जहां आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक ज्यादा रिटर्न की मांग कर रहे हैं।\n\n### ग्लोबल बॉन्ड बिकवाली और US Treasury का असर\nदुनिया भर के डेट मार्केट इस समय भारी दबाव में हैं। 10-Year यूएस ट्रेजरी यील्ड 5% के करीब पहुंच गई है, जो पिछले 3 सालों में सबसे अधिक है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा महंगाई को काबू करने के लिए ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने के संकेत से ग्लोबल मार्केट में हलचल है।\n\n### कच्चे तेल की आग और भारत की चुनौतियां\nएनर्जी मार्केट में तनाव ने भारत की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। मिडल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव के कारण शिपिंग रूट्स प्रभावित हुए हैं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है, ऐसे में महंगे तेल से न केवल रुपया कमजोर होगा बल्कि महंगाई भी बढ़ सकती है। इससे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो सकता है।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है संकेत?\nबॉन्ड यील्ड को 'रिस्क-फ्री रेट' माना जाता है। जब यह बढ़ती है, तो कंपनियों के वैल्यूएशन पर असर पड़ता है। कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए उधार लेना महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर उनके प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ सकता है। फिलहाल निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स में भी इसी कारण उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.