Bond Yields: ₹34,000 करोड़ के ऑक्शन से पहले 10-Year Bond Yield 2 महीने के हाई पर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Bond Yields: ₹34,000 करोड़ के ऑक्शन से पहले 10-Year Bond Yield 2 महीने के हाई पर

भारत का 10-साल का बेंचमार्क बॉन्ड यील्ड उछलकर **6.9079%** के दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। सरकार जल्द ही **₹34,000 करोड़** के बॉन्ड बेचने की तैयारी कर रही है, जिससे मार्केट में घबराहट है।

शुक्रवार को भारत के 10-साल के बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड (खासकर 6.94% 2036 पेपर) का यील्ड बढ़कर 6.9079% हो गया। यह पिछले दो महीनों में सबसे ऊंचा स्तर है। बॉन्ड मार्केट में यील्ड और कीमतों का रिश्ता उल्टा होता है—जैसे-जैसे निवेशक बिकवाली कर रहे हैं, कीमतों में गिरावट और यील्ड में उछाल आ रहा है।

फिलहाल मार्केट पर सरकार के आगामी ₹34,000 करोड़ के बॉन्ड ऑक्शन का बड़ा दबाव है। जब भी बाजार में इतने बड़े पैमाने पर सरकारी बॉन्ड आते हैं, तो ट्रेडर्स और बैंक अपना रिस्क कवर करने के लिए सरकार से ज्यादा यील्ड की मांग करते हैं, जिसे बॉन्ड जगत में 'ऑक्शन कंसेशन' कहा जाता है।

RBI और ग्लोबल सेंटीमेंट का दबाव

निवेशक RBI की अगस्त की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग के मिनिट्स को लेकर भी सतर्क हैं। सेंट्रल बैंक ने महंगाई को लेकर चिंता जताई है और संकेत दिए हैं कि अगर रिस्क बना रहा, तो दरों में बदलाव संभव है। वहीं ग्लोबल फ्रंट पर, सभी की निगाहें जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों पर टिकी हैं। अगर अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकलकर डॉलर एसेट्स की ओर भाग सकता है।

निवेशकों के लिए संकेत

सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़ना एक तरह का 'बेंचमार्क' संकेत है। अगर यह लगातार ऊंचा बना रहता है, तो बैंकों पर भी अपने लेंडिंग रेट्स ऊंचे रखने का दबाव पड़ेगा। इसका सीधा असर भविष्य में होम लोन, ऑटो लोन और कॉरपोरेट लोन की ईएमआई (EMI) पर पड़ सकता है। फिलहाल क्रूड ऑयल की कीमतों में मामूली गिरावट से राहत है, लेकिन बाजार की असली दिशा आगामी ऑक्शन के नतीजों से तय होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.