InterGlobe Aviation ने GIFT IFSC स्थित अपनी सब्सिडियरी के माध्यम से **$328 मिलियन** की बड़ी फाइनेंसिंग डील फाइनल की है। इस फंड से कंपनी **8** नए Airbus विमान खरीदेगी, जो कंपनी के बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव का संकेत है।
बड़ी डील और नया रास्ता
InterGlobe Aviation, जो IndiGo की पैरेंट कंपनी है, ने $328 मिलियन का फाइनेंसिंग पैकेज पूरा कर लिया है। इस डील के तहत 6 A321 और 2 A320 विमान खरीदे जाएंगे। यह भारत के एविएशन सेक्टर में पहली बार है जब GIFT IFSC के भीतर एक्सपोर्ट क्रेडिट एजेंसी इंश्योरेंस का इस्तेमाल किया गया है।
इस डील को Citi ने अरेंज किया है और इसमें बेल्जियम की Credendo ने क्रेडिट इंश्योरेंस का सपोर्ट दिया है। यह कदम कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत कंपनी ने अपनी IFSC सब्सिडियरी में $820 मिलियन का निवेश करने की योजना बनाई है।
बिजनेस मॉडल में बदलाव: लीजिंग से ओनरशिप की ओर
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब IndiGo विमानों को लीज पर लेने के बजाय उन्हें खुद खरीदने पर जोर दे रही है। इसका मतलब है:
- खर्चों में बदलाव: अब कंपनी को मंथली लीज रेंट के बजाय इंटरेस्ट (ब्याज) और डेप्रिसिएशन (मूल्यह्रास) का बोझ उठाना होगा।
- लॉन्ग टर्म सेविंग्स: लीज रेंट कम होने से भविष्य में लागत में कमी आ सकती है, लेकिन कर्ज का लेवल बढ़ेगा।
रिस्क और निवेशकों के लिए नजरिया
इस नए मॉडल में कुछ चुनौतियां भी हैं। कंपनी को डॉलर में कर्ज चुकाना होगा, जबकि उनकी कमाई मुख्य रूप से भारतीय रुपये में होती है। साथ ही, कर्ज बढ़ने से कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) भी प्रभावित होगा। निवेशकों को कंपनी के अगले क्वार्टरली नतीजों पर नजर रखनी चाहिए, जहां यह साफ होगा कि यह नई फंडिंग स्ट्रक्चर बैलेंस शीट पर कैसा असर डाल रही है। फिलहाल, 13 अक्टूबर, 2026 तक शेयर का रिस्पॉन्स स्टेबल बना हुआ है।
