डिजिटल युग में Income Tax विभाग का डेटा क्रॉस-चेकिंग सिस्टम अब पूरी तरह ऑटोमेटेड हो चुका है। Income-tax Act, 2025 के तहत अगर आपको कोई नोटिस मिला है, तो अपने Annual Information Statement (AIS) को फाइल किए गए रिटर्न से मिलाना अब अनिवार्य है, ताकि आप पेनल्टी से बच सकें।
ऑटोमेटेड कंप्लायंस का नया दौर
अगर आपको Income Tax डिपार्टमेंट से अचानक कोई नोटिस मिला है, तो तनाव लेने की जरूरत नहीं है। 2026 में, ये नोटिसेज कानूनी कार्रवाई से ज्यादा प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। नए Income-tax Act, 2025 के तहत, टैक्स विभाग अब बैंकों, स्टॉकब्रोकर्स और म्यूचुअल फंड हाउसों से मिलने वाले डेटा को सीधे आपके ITR के साथ ऑटोमेटेड टूल्स से क्रॉस-चेक कर रहा है।
क्यों आते हैं मिसमैच के नोटिस?
टैक्स सिस्टम अब सेंट्रलाइज्ड एल्गोरिदम पर काम करता है जो आपके Annual Information Statement (AIS) और Taxpayer Information Summary (TIS) की तुलना आपके द्वारा भरे गए ITR डेटा से करता है। अगर छोटा सा भी अंतर—जैसे कि डिविडेंड की जानकारी भूल जाना या ब्याज आय में मिसमैच—पाया जाता है, तो सिस्टम ऑटोमैटिक नोटिस भेज देता है। अक्सर लोग गलतियां तब करते हैं जब वे याददाश्त के आधार पर रिटर्न भरते हैं, जबकि विभाग का डेटा रियल-टाइम में अपडेट होता है।
नोटिस मिलने पर क्या करें?
सबसे पहले, नोटिस की सत्यता जांचें। हर वैध नोटिस पर एक Document Identification Number (DIN) होता है। इसके बाद, अपने Form 26AS और AIS को अपने खुद के रिकॉर्ड्स के साथ मैच करें। अगर आपको विभाग की तरफ से कोई गलती दिखती है, तो आप इनकम टैक्स पोर्टल के 'e-Proceedings' टैब के जरिए फीडबैक और सबूत दे सकते हैं।
डेडलाइन और जोखिम
नोटिस का जवाब देने में देरी महंगी पड़ सकती है:
- Section 139(9) के तहत 'Defective Return' नोटिस का जवाब 15 दिन के भीतर देना अनिवार्य है।
- डिमांड नोटिस का जवाब न देने पर 30 दिन बाद से 1% प्रति माह की दर से ब्याज लग सकता है।
- Circular No. 07/2026 के तहत AY 2026-27 के लिए कुछ कैटेगरी के लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 21 नवंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।
निवेशकों को सलाह है कि वे समय-समय पर ऑफिशियल पोर्टल चेक करते रहें, क्योंकि अब टैक्स अथॉरिटी के साथ सारा संवाद पूरी तरह डिजिटल हो चुका है।
