InCred Capital ने अपने **5** साल के संस्थागत विकास लक्ष्य को पूरा करने के लिए अभिनव खन्ना को कैपिटल मार्केट्स का CEO और अभिमन्यु कालरा को इक्विटी का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है।
InCred Group की संस्थागत और एसेट मैनेजमेंट शाखा, InCred Capital ने इक्विटी मार्केट में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए इंडस्ट्री के दिग्गजों को जिम्मेदारी सौंपी है। अभिनव खन्ना, जो पहले Citigroup Global Markets जैसे बड़े संस्थानों का हिस्सा रहे हैं, अब 25 वर्षों के अनुभव के साथ CEO की कमान संभालेंगे। वहीं, Nomura में लंबा अनुभव रखने वाले अभिमन्यु कालरा को मैनेजिंग डायरेक्टर और को-हेड (इक्विटी) नियुक्त किया गया है।
संस्थागत कारोबार का विस्तार
यह नियुक्तियां कंपनी के 5 साल के महत्वाकांक्षी रोडमैप का हिस्सा हैं। इनक्रेड का लक्ष्य भारतीय संस्थागत इक्विटी सेक्टर में अपनी पैठ जमाना है। इसके लिए कंपनी एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग और कॉम्प्लेक्स ऑर्डर एग्जीक्यूशन जैसे एडवांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही है। इस टेक्नोलॉजी का मुख्य मकसद म्यूचुअल फंड्स, पेंशन फंड्स और विदेशी निवेशकों को बेहतर सर्विस देना है। इसके अलावा, जून 2026 में अमेरिका में दफ्तर खोलकर कंपनी भारतीय कॉर्पोरेट और वैश्विक निवेशकों के बीच की दूरी कम करने की कोशिश में है।
IPO और फाइनेंशियल हेल्थ
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि InCred Holdings अभी एक अनलिस्टेड कंपनी है। कंपनी ने भविष्य में संभावित पब्लिक लिस्टिंग के लिए UDRHP फाइल किया है। कंपनी की वित्तीय स्थिति का अंदाजा उसकी लेंडिंग सब्सिडियरी, InCred Finance से लगाया जा सकता है, जिसने पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹2,567 करोड़ का रेवेन्यू और ₹438 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं कंपनी का कुल AUM (Assets Under Management) ₹17,748 करोड़ तक पहुंच गया है।
चुनौतियां और जोखिम
इक्विटी मार्केट में विस्तार करना आसान नहीं है। कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती नई लीडरशिप के साथ ऑपरेशनल स्टेबिलिटी बनाए रखने और वैश्विक स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करने की है। इसके साथ ही, अमेरिकी बाजार में रेगुलेटरी अनुपालन और क्रॉस-बॉर्डर संचालन की जटिलताएं भी कंपनी के लिए मुख्य जोखिम बनी हुई हैं।
