Income Tax Appellate Tribunal (ITAT) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि दो अगल-बगल या एक-दूसरे के ऊपर स्थित फ्लैट्स को Section 54F के तहत 'एक आवासीय इकाई' माना जा सकता है।
अक्सर जब टैक्सपेयर्स दो छोटे फ्लैट्स को जोड़कर एक बड़ा घर बनाते हैं, तो उन्हें 'कैपिटल गेन्स' (Capital Gains) टैक्स छूट क्लेम करने में काफी दिक्कतें आती थीं। पहले टैक्स विभाग इस आधार पर छूट को खारिज कर देता था कि दोनों फ्लैट्स के सेल डीड (Sale Deed) या म्युनिसिपल नंबर अलग-अलग हैं। लेकिन अब ITAT की मुंबई बेंच ने इस भ्रम को दूर कर दिया है।
क्या है ITAT का नया रुख?
ट्रिब्यूनल का साफ कहना है कि कागजी दस्तावेजों की तकनीकी बारीकियों से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि प्रॉपर्टी असल में एक घर की तरह इस्तेमाल हो रही है या नहीं। यदि आपके पास दो अलग-अलग डीड भी हैं, तो भी आप छूट पाने के हकदार हैं, बशर्ते आपका घर एक ही परिवार के रहने के लिए एक यूनिट की तरह काम कर रहा हो।
छूट के लिए जरूरी शर्तें:
सिर्फ फ्लैट्स को जोड़ लेना ही काफी नहीं है। टैक्स अधिकारियों की नजर में ये संकेत होने चाहिए:
- कॉमन एंट्रेंस: दोनों यूनिट्स का एक ही मुख्य द्वार हो।
- शेयर्ड किचन: घर में रसोई की सुविधा एक ही हो।
- आंतरिक रास्ता: दोनों फ्लैट्स के बीच आपस में आने-जाने के लिए कोई अंदरूनी रास्ता हो।
जरूरी डॉक्यूमेंटेशन:
इस टैक्स छूट का फायदा लेने के लिए आपको तैयारी पूरी रखनी होगी। टैक्स अधिकारी मौके पर आकर फिजिकल वेरिफिकेशन भी कर सकते हैं। अपने दावों को मजबूत करने के लिए आपको आर्किटेक्ट का सर्टिफिकेट, हाउसिंग सोसाइटी से मिला लेटर (जो पुष्टि करे कि इसे एक ही घर माना जाता है), और घर के इंटरनल लेआउट की तस्वीरें तैयार रखनी चाहिए। ध्यान रखें, यदि फ्लैट्स अलग-अलग लिविंग यूनिट्स की तरह इस्तेमाल हो रहे हैं, तो छूट मिलने में मुश्किल आ सकती है।
