Income Tax Department: विदेशी संपत्ति के लिए आया FAST-DS 2026, अब कानूनी मुसीबत से पाएं छुटकारा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Income Tax Department: विदेशी संपत्ति के लिए आया FAST-DS 2026, अब कानूनी मुसीबत से पाएं छुटकारा

Income Tax Department ने विदेशी संपत्ति की घोषणा के लिए FAST-DS 2026 स्कीम लॉन्च कर दी है। इसके तहत **31 दिसंबर 2026** तक आप अपनी अनडिस्क्लोज्ड विदेशी संपत्तियों को रेगुलराइज कर सकते हैं।

स्कीम का दायरा और प्रक्रिया

Income Tax Department ने विदेशी संपत्तियों के खुलासे के लिए एक डेडिकेटेड विंडो, Foreign Assets of Small Taxpayers Disclosure Scheme (FAST-DS) 2026 की शुरुआत की है। अगर आपने भारत के बाहर कोई आवासीय या व्यावसायिक संपत्ति रखी है, तो यह स्कीम आपके लिए है। करदाता अभी ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग-इन करके अपनी PAN-लिंक्ड विदेशी संपत्तियों का ब्योरा देख सकते हैं। यह डेटा 2022 से 2024 के बीच की अवधि को कवर करता है।

टैक्स और पेनल्टी का गणित

इस स्कीम में शामिल होने के लिए आपको अपनी विदेशी संपत्ति की फेयर मार्केट वैल्यू पर 30% टैक्स और इतनी ही यानी 30% पेनल्टी देनी होगी। यानी कुल आउटफ्लो एसेट की वैल्यू का 60% होगा।

इम्युनिटी और कानूनी सुरक्षा

इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक बार डिक्लेरेशन और पेमेंट पूरा करने के बाद, करदाता को 'Black Money (Undisclosed Foreign Income and Assets) and Imposition of Tax Act, 2015' के तहत किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई या पेनल्टी से पूरी तरह सुरक्षा (Immunity) मिल जाएगी।

आगे की तैयारी

सरकार ने प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए Central Board of Direct Taxes (CBDT) की देखरेख में रीजनल कमेटियां बनाई हैं। विशेष रूप से UAE जैसे देशों में निवेश करने वाले भारतीयों के लिए यह अपने फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स को दुरुस्त करने का एक बड़ा मौका है। करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे डेडलाइन से पहले अपने टैक्स कंसल्टेंट से सलाह लेकर पोर्टल पर मौजूद डेटा का मिलान जरूर कर लें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.