ISG: RBI से मिली बड़ी मंजूरी! अब ऑनलाइन, ऑफलाइन और क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट की 'वन-स्टॉप शॉप' बनी ISG

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
ISG: RBI से मिली बड़ी मंजूरी! अब ऑनलाइन, ऑफलाइन और क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट की 'वन-स्टॉप शॉप' बनी ISG
Overview

In-Solutions Global Ltd (ISG) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से एक बड़ी मंजूरी मिल गई है। कंपनी को पेमेंट एग्रीगेटर (PA) लाइसेंस की सभी **तीन** कैटेगरी - ऑनलाइन (PA-O), फिजिकल (PA-P) और क्रॉस-बॉर्डर (PA-CB) के लिए **व्यापक** प्राधिकरण प्राप्त हुआ है।

RBI की मंजूरी: ISG बनी पेमेंट की 'सुपरपावर'

यह व्यापक प्राधिकरण, जो 2025-26 के नए मास्टर डायरेक्शन्स के तहत मिला है, ISG को पेमेंट एग्रीगेशन के लिए एक यूनिफाइड (Unified) यानी एकीकृत प्लेटफॉर्म तैयार करने की ताकत देता है। अब ISG अपने मर्चेंट्स (Merchants) के लिए ऑनलाइन पेमेंट, दुकानों पर होने वाले इन-पर्सन (In-person) पेमेंट और विदेशों से होने वाले क्रॉस-बॉर्डर (Cross-border) ट्रांजैक्शन (Transactions) को एक ही छत के नीचे मैनेज कर सकेगी। यह 'ओमनीचैनल' (Omnichannel) मर्चेंट एक्सेप्टेंस (Merchant Acceptance) की क्षमता को बढ़ाएगा और भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल और इंटरनेशनल ट्रेड (International Trade) को सपोर्ट करेगा।

इस अप्रूवल के साथ, ISG अब चुनिंदा नॉन-बैंक (Non-bank) कंपनियों में शुमार हो गई है, जो एकीकृत और नियमों के अनुसार पेमेंट समाधान (Payment Solutions) पेश कर सकती हैं। ISG के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर Adelia Castelino के अनुसार, यह कंपनी के लिए एक बड़ी रणनीति है। अब वे एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग (Onboarding) और सेटलमेंट (Settlement) की सुविधा दे पाएंगे, जिससे बिजनेस, बैंक्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए सभी तरह के डोमेस्टिक (Domestic) और इंटरनेशनल चैनल (International Channel) पर काम करना आसान हो जाएगा।

कंपनी के पास पहले से IFSCA लाइसेंस है, जो क्रॉस-बॉर्डर क्षमताओं को और मजबूत करता है। अब ISG अपने ग्लोबल स्विचिंग (Global Switching) और पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर (Payment Infrastructure) का इस्तेमाल करके मल्टीपल ज्यूरिस्डिक्शन (Multiple Jurisdictions) में कंप्लायंट (Compliant) क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट ट्रांजैक्शन को सपोर्ट करने के लिए तैयार है। इसके अलावा, Soft POS और प्रॉक्सिमिटी-बेस्ड पेमेंट सॉल्यूशंस (Proximity-based Payment Solutions) के इस्तेमाल से इन-पर्सन एक्सेप्टेंस (In-person Acceptance) को बढ़ावा मिलेगा। मार्केटप्लेस (Marketplaces) के लिए टोकनाइजेशन (Tokenization), पेआउट्स (Payouts), रिफंड (Refunds), चार्जबैक (Chargebacks) और रिकंसिलिएशन (Reconciliation) जैसी जरूरी सुविधाओं को भी गहराई से इंटीग्रेट (Integrate) किया जाएगा।

यह लाइसेंस ऐसे समय में आया है जब भारत का डिजिटल पेमेंट मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि इंटरनेट की बढ़ती पहुंच, स्मार्टफोन का इस्तेमाल और सरकार की डिजिटल इंडिया पहलों के चलते यह ग्रोथ जारी रहेगी। ISG की यह ऑल-इन-वन पेमेंट समाधान पेश करने की क्षमता, उसे उन एग्रीगेटर्स से अलग बनाती है जो शायद एक या दो क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते हैं। यह कदम विशेष रूप से रणनीतिक है क्योंकि भारत का ग्लोबल ट्रेड में योगदान बढ़ रहा है, जो घरेलू व्यवसायों के लिए आयात-निर्यात (Import-Export) के प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के अवसर पैदा करता है।

भविष्य को देखते हुए, ISG का यह व्यापक RBI प्राधिकरण कंपनी के लिए मजबूत ग्रोथ का मार्ग प्रशस्त करता है। एनालिस्ट्स (Analysts) का मानना है कि जो कंपनियां मर्चेंट ऑपरेशंस (Merchant Operations) और कंप्लायंस (Compliance) को सरल बनाने वाले एंड-टू-एंड (End-to-end) पेमेंट सॉल्यूशंस पेश करती हैं, वे अच्छा प्रदर्शन करेंगी। ISG की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपनी रणनीति को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करती है, अपने ऑपरेशंस को कितनी कुशलता से बढ़ाती है, और एक गतिशील रेगुलेटरी (Regulatory) और प्रतिस्पर्धी (Competitive) माहौल में सख्त कंप्लायंस स्टैंडर्ड्स (Compliance Standards) बनाए रखती है। टेक्नोलॉजी (Technology) और कस्टमर सर्विस (Customer Service) में लगातार निवेश ISG के लिए अपनी पोजीशन मजबूत करने और मार्केट लीडरशिप (Market Leadership) का विस्तार करने में महत्वपूर्ण होगा।

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