IRFC ने दूसरी तिमाही में **₹1,958 करोड़** का शानदार प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **10%** ज्यादा है। इसके अलावा कंपनी ने **₹1.15** प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट **23 अक्टूबर, 2026** तय की गई है।
मुनाफे के साथ बढ़ी कमाई
सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में IRFC का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1,958 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹1,777 करोड़ था। कंपनी की टोटल इनकम भी ₹6,372 करोड़ से बढ़कर ₹7,924 करोड़ रही है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के बढ़ते खर्चों पर ध्यान देना होगा। इस बार कुल खर्चे ₹4,595 करोड़ से उछलकर ₹5,966 करोड़ दर्ज किए गए हैं, जो भविष्य में मुनाफे पर दबाव बना सकते हैं। कंपनी की नेट वर्थ ₹60,573 करोड़ पर बनी हुई है और नेट इंटरेस्ट मार्जिन 1.50% रहा है।
डिविडेंड की डिटेल्स
बोर्ड ने ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹1.15 का अंतरिम डिविडेंड देने को मंजूरी दी है। अगर आप इस डिविडेंड का फायदा उठाना चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि 23 अक्टूबर, 2026 की रिकॉर्ड डेट तक शेयर आपके डीमैट खाते में हों।
'IRFC 2.0' का नया प्लान
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे अब 'IRFC 2.0' पर फोकस कर रहे हैं। इस नई रणनीति का मकसद केवल रेलवे फाइनेंसिंग तक सीमित न रहकर पोर्ट्स, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में भी निवेश बढ़ाना है। चूँकि कंपनी का बिजनेस मॉडल सरकारी प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है, इसलिए इनका एनपीए (NPA) हमेशा 'जीरो' रहता है, जो निवेशकों के लिए एक राहत की बात है।
