आज शेयर बाज़ार में मिले-जुले संकेत दिखे। IRFC के शेयर **5%** तक गिर गए क्योंकि सरकार ने कंपनी में अपनी **2%** हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है। वहीं, Infosys में तेज़ी आई है क्योंकि इसने GlobalFoundries के साथ AI पार्टनरशिप बढ़ाई है, और Rashi Peripherals ने एक नई डील के बाद 52-हफ्ते की नई ऊंचाई छुई है।
IRFC पर बिकवाली का दबाव
सरकारी कंपनी IRFC के शेयरों में आज बिकवाली देखने को मिली। सरकार ने इस रेल फाइनेंसिंग कंपनी में 2% तक हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर-फॉर-सेल (OFS) लॉन्च किया है, जिससे शेयर 5% तक लुढ़क गए। यह OFS गैर-रिटेल निवेशकों के लिए 24 जून को खुला और 25 जून को रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा। बेस ऑफर 1% का है, और अतिरिक्त 1% की ग्रीनशू ऑप्शन भी है। शेयर की फ्लोर प्राइस ₹91 तय की गई है, जो मौजूदा बाज़ार भाव से कम है। ऐसे OFS के दौरान शेयर अक्सर फ्लोर प्राइस की ओर बढ़ते हैं। निवेशक इन विनिवेश योजनाओं पर नज़र रखते हैं क्योंकि ये कंपनी के पब्लिक फ्लोट को बढ़ाते हैं।
Infosys का AI पर दांव
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Infosys के शेयरों में लगभग 2% की तेज़ी देखी गई। कंपनी ने सेमीकंडक्टर निर्माता GlobalFoundries के साथ अपनी मल्टी-ईयर AI-आधारित मैनेज्ड सर्विसेज पार्टनरशिप का विस्तार किया है। इस डील के तहत Infosys चिपमेकर के एंटरप्राइज आईटी ऑपरेशन्स को AI-संचालित मॉडल में बदलेगा। Infosys अपने Topaz प्लेटफॉर्म का उपयोग करके ग्लोबलफाउंड्रीज के लिए एंड-टू-एंड एप्लिकेशन, डेटा और सर्विस डेस्क ऑपरेशन्स को संभालेगा। यह कदम मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के बीच बढ़ते उस ट्रेंड को दर्शाता है जहाँ वे पारंपरिक आईटी सपोर्ट से हटकर AI-संचालित ऑटोमेशन की ओर बढ़ रहे हैं।
Rashi Peripherals का बड़ा कदम
Rashi Peripherals के शेयर 52-हफ्ते की नई ऊंचाई पर पहुंच गए। कंपनी ने VDA Infosolutions में 67% हिस्सेदारी ₹368.50 करोड़ में खरीदने के लिए एक पक्का समझौता किया है। इस अधिग्रहण से Rashi Peripherals एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज के बाज़ार में कदम रखेगा। कंपनी 2029 तक बाकी 33% हिस्सेदारी भी अधिग्रहित करने की योजना बना रही है। इस कदम से कंपनी अपने मौजूदा नेटवर्क में VDA की क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और डेटा मैनेजमेंट क्षमताओं को एकीकृत करेगी।
Pine Labs में ब्लॉक डील
लिस्टेड फिनटेक कंपनी Pine Labs के शेयर 3% चढ़े। कंपनी में बड़ी ब्लॉक डील हुई, जिसमें लगभग 41.9 लाख शेयर (कंपनी की इक्विटी का 0.40%) ₹152 प्रति शेयर के भाव से ₹63.5 करोड़ में ट्रेड हुए। इस तरह के ब्लॉक सौदे अक्सर संस्थागत निवेशकों की होल्डिंग्स में बदलाव का संकेत देते हैं।
