IREDA के निदेशक मंडल (Board of Directors) की बैठक 25 मार्च 2026 को निर्धारित है। इस अहम बैठक का मुख्य एजेंडा फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अंतरिम डिविडेंड की घोषणा करना है। यह कदम कंपनी के हालिया मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाता है।
दरअसल, IREDA ने 31 दिसंबर 2023 को समाप्त हुई तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। इस दौरान कंपनी ने ₹343.45 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 74% अधिक है। वहीं, कंपनी की कुल आय (Total Income) भी 71% बढ़कर ₹1,247.58 करोड़ पर पहुंच गई। इसके साथ ही, IREDA का लोन बुक भी दिसंबर 2023 तक बढ़कर ₹50,178 करोड़ हो गया है।
अंतरिम डिविडेंड का मतलब है कि कंपनी वित्तीय वर्ष के बीच में ही अपने शेयरधारकों को मुनाफे का कुछ हिस्सा बांटती है। यदि यह प्रस्ताव बोर्ड द्वारा स्वीकृत होता है, तो यह IREDA की मजबूत लाभप्रदता (Profitability) और बेहतर कैश फ्लो (Cash Flow) का संकेत देगा। इससे निवेशकों को अपने निवेश पर जल्दी रिटर्न (Return) मिलने की उम्मीद जगी है।
IREDA, नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of New and Renewable Energy - MNRE) के तहत एक मिनी-रत्न (कैटेगरी-I) सरकारी कंपनी है, जो भारत में सौर, पवन और बायोमास जैसे ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए फाइनेंसिंग का प्रमुख जरिया है। कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर 2023 के लिए ₹3.25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी दिया था।
सरकारी क्षेत्र की अन्य प्रमुख कंपनियाँ भी अपने शेयरधारकों को रिवॉर्ड देने के लिए सक्रिय हैं। उदाहरण के लिए, REC लिमिटेड ने FY24 के लिए ₹3 प्रति शेयर और पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) ने ₹6 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। IREDA का यह प्रस्तावित डिविडेंड भी इन प्रतिस्पर्धियों के भुगतानों के मुकाबले देखा जाएगा।
इस घोषणा के साथ ही, कंपनी ने अपनी ट्रेडिंग विंडो 12 मार्च 2026 से बंद कर दी है, जो बोर्ड मीटिंग के नतीजे आने के 48 घंटे बाद ही दोबारा खुलेगी।
निवेशक 25 मार्च को होने वाली बोर्ड मीटिंग के नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिससे डिविडेंड की राशि और अन्य महत्वपूर्ण विवरणों का पता चलेगा।
