IRDAI Reforms: इंश्योरेंस सेक्टर में बड़े बदलाव पर टली डेडलाइन, क्या बैंकों और एजेंटों की कमाई पर होगा असर?

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
IRDAI Reforms: इंश्योरेंस सेक्टर में बड़े बदलाव पर टली डेडलाइन, क्या बैंकों और एजेंटों की कमाई पर होगा असर?

IRDAI ने इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म्स पर फीडबैक देने की डेडलाइन बढ़ाकर **31 अक्टूबर** कर दी है। इन नए नियमों में एजेंट कमीशन और ऑपरेटिंग खर्चों पर कैप (कैप) लगाने का प्रस्ताव है, जिससे बैंकों और इंश्योरेंस ब्रोकर्स की भविष्य की कमाई पर चिंता बढ़ गई है।

फीडबैक के लिए बढ़ा समय

इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) फिलहाल इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन को पूरी तरह बदलने के प्रस्ताव पर मिले 650 से ज्यादा सुझावों की समीक्षा कर रही है। इंडस्ट्री की मांग पर रेगुलेटर ने अब फीडबैक की विंडो को 31 अक्टूबर, 2026 तक बढ़ा दिया है। यह देरी 'रिकैलिब्रेटिंग इकोनॉमिक्स ऑफ इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन' फ्रेमवर्क पर और गहन चर्चा का मौका देगी।

कमीशन को लेकर छिड़ी रार

विवाद की मुख्य वजह एजेंटों और बिचौलियों को मिलने वाले कमीशन पर कैप लगाना और इंश्योरेंस बिजनेस के मैनेजमेंट खर्चों (Expenses of Management) को सीमित करना है। सालों से बैंक और इंश्योरेंस ब्रोकर्स पॉलिसी बेचकर मोटी फीस कमाते आए हैं। इंडस्ट्री का तर्क है कि अगर सख्त सीमाएं लगाई गईं, तो छोटे इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स बेचना मुश्किल हो जाएगा और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में नौकरियों पर भी संकट आ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

शेयर बाजार के निवेशकों के लिए यह रिफॉर्म बेहद महत्वपूर्ण है। भारत के कई प्राइवेट बैंक 'बैंकाश्योरेंस' (Bancassurance) के जरिए अपनी नॉन-इंटरेस्ट इनकम बढ़ाते हैं। अगर कमीशन पर लगाम लगती है, तो बैंकों की फीस से होने वाली कमाई घट सकती है। दूसरी तरफ, अगर इंश्योरेंस कंपनियों के कमीशन खर्च कम होते हैं, तो उनके नेट प्रॉफिट मार्जिन में सुधार दिख सकता है। हालांकि, रिस्क यह है कि मुनाफा कम होने पर एजेंट्स दूसरे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की तरफ शिफ्ट हो सकते हैं, जिससे इंश्योरेंस कंपनियों की सेल्स ग्रोथ धीमी हो सकती है।

2027 की तैयारी

रेगुलेटर इसे 2027 में लागू करने की योजना बना रहा है, जिसमें 1 जनवरी या 1 अप्रैल की तारीखें संभावित हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या IRDAI अपने ड्राफ्ट में कोई नरमी बरतता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.