टैक्स की मार, शेयर गिरे
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) पर ₹2,385.74 करोड़ का टैक्स ठोक दिया है। यह डिमांड असेसमेंट ईयर (AY) 2016-17 और AY 2024-25 के लिए है। इस खबर के आते ही बैंक के शेयर 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब आ गए।
बैंक का क्या कहना है?
IOB ने साफ किया है कि वे इन टैक्स असेसमेंट्स को कोर्ट में चुनौती देंगे। बैंक को भरोसा है कि कानूनी आधार पर इस मामले का सकारात्मक समाधान निकलेगा।
ये तो होता रहता है!
दरअसल, IOB के लिए यह कोई नया मामला नहीं है। बैंक लगातार टैक्स डिमांड से जूझ रहा है। इसी साल मार्च की शुरुआत में ही, AY 2015-16 के लिए ₹766.02 करोड़ और AY 2017-18 के लिए ₹502.29 करोड़ की डिमांड नोटिस जारी किए गए थे। पिछले साल, 3 मार्च 2025 को ₹699.52 करोड़ का GST नोटिस भी आया था।
मुनाफे के मुकाबले बड़ी रकम
यह नई टैक्स डिमांड, जो कुल ₹2,385.74 करोड़ की है, बैंक के FY24 में कमाए ₹2,538.67 करोड़ के नेट प्रॉफिट के लगभग बराबर है। इतनी बड़ी रकम की डिमांड ने निवेशकों के होश उड़ा दिए हैं।
एनालिस्ट्स का 'Strong Sell'
बाजार के एनालिस्ट्स की राय भी IOB के लिए खास अच्छी नहीं है। पिछले तीन महीनों में 78 एनालिस्ट्स ने इस स्टॉक पर अपनी रिपोर्ट दी है, और ज्यादातर की रेटिंग 'Strong Sell' है। उनका एवरेज 1-साल का टारगेट प्राइस सिर्फ ₹48.19 है। MarketsMOJO ने भी 25 मार्च 2026 को अपनी रेटिंग घटाकर 'Sell' कर दी थी।
सेक्टर में भी कमजोरी
हालत यह है कि जिस दिन यह खबर आई, उस दिन बैंक निफ्टी इंडेक्स में 2.60% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। IOB का RSI 41.78 है, जो थोड़ा मंदी का संकेत दे रहा है।
वैल्यूएशन पर सवाल
IOB का P/E रेश्यो 12.51 है, जो पब्लिक सेक्टर बैंकों के एवरेज 8.2 से काफी ज्यादा है। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा (P/E 6.64) और पंजाब नेशनल बैंक (P/E 6.79) जैसे पीएसयू बैंक काफी सस्ते में मिल रहे हैं।
आगे क्या?
लगातार टैक्स विवादों और एनालिस्ट्स के नकारात्मक रुख के चलते IOB के शेयरों पर दबाव बना रहने की संभावना है। बैंक को इन टैक्स मुद्दों को हल करने के साथ-साथ अपनी विश्वसनीयता भी साबित करनी होगी।