IMF की चेतावनी: AI बबल के कारण दुनिया के **22%** बैंक एसेट्स खतरे में

BANKINGFINANCE
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AuthorNeha Patil|Published at:
IMF की चेतावनी: AI बबल के कारण दुनिया के **22%** बैंक एसेट्स खतरे में

IMF की अक्टूबर **2026** की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। दुनिया भर के **110** बड़े बैंक वित्तीय दबाव में हैं और उनके पास मौजूद **22%** एसेट्स रिस्क पर हैं। रिपोर्ट ने AI मार्केट में बन रहे बबल और टेक सेक्टर में भारी निवेश को लेकर ग्लोबल फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

बैंकिंग सेक्टर पर मंडराया संकट

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने अपनी लेटेस्ट 'ग्लोबल फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट' में वैश्विक बैंकिंग सिस्टम को लेकर चिंता जताई है। 13 अक्टूबर 2026 को जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक, कमजोर कैपिटल बफर वाले संस्थानों के पास अब दुनिया भर के 22% बैंकिंग एसेट्स जमा हैं, जो पिछले साल सिर्फ 18% थे। कुल 110 ग्लोबल लेंडर्स इस समय आर्थिक झटकों के प्रति बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

AI बबल और 'सर्कुलर फाइनेंसिंग'

रिपोर्ट के अनुसार, AI सेक्टर में चल रहा 'सर्कुलर फाइनेंसिंग' का खेल बड़ा खतरा बन चुका है। बड़ी टेक कंपनियों और छोटी AI फर्मों के बीच हुए $300 बिलियन के जटिल सौदों ने वैल्युएशन को तो बढ़ा दिया है, लेकिन इनका मुनाफा वास्तविक नहीं दिख रहा है।

टेक्नोलॉजी सेक्टर में अत्यधिक एकाग्रता

अमेरिका के S&P 500 इंडेक्स में 'मैग्नीफिसेंट सेवन' (Magnificent Seven) टेक कंपनियों का हिस्सा बढ़कर 35% से ज्यादा हो गया है। साथ ही, ये कंपनियां ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भी हावी हैं, जहां इनकी हिस्सेदारी 10% पहुंच गई है, जबकि 2024 में यह 1% से भी कम थी। अगर टेक सेक्टर में कोई भी बड़ी गिरावट आती है, तो इसका सीधा असर उन बैंकों पर पड़ेगा जिन्होंने इन कंपनियों को कर्ज दिया है।

भारतीय निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

भारत के लिए मुख्य चिंता 'ग्लोबल इंटरकनेक्टेडनेस' है। वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ने से विदेशी निवेशक अक्सर उभरते बाजारों (Emerging Markets) से अपना पैसा खींच लेते हैं, जिससे भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, भारत की बड़ी IT कंपनियां अपनी कमाई के लिए ग्लोबल क्लाइंट्स पर निर्भर हैं। अगर विदेशी टेक कंपनियां अपने खर्चों में कटौती करती हैं, तो भारतीय IT कंपनियों के मार्जिन पर सीधा असर पड़ सकता है।

अब निवेशकों की नजर प्रमुख ग्लोबल टेक कंपनियों के अगले अर्निंग्स नंबर्स पर होनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि क्या AI निवेश से असली मुनाफा हो रहा है या यह सिर्फ एक बबल है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.