IIFL Finance Share Price: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा शेयर! रेटिंग अपग्रेड का दिखा असर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
IIFL Finance Share Price: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा शेयर! रेटिंग अपग्रेड का दिखा असर

IIFL Finance के शेयरों में आज यानी 21 अगस्त 2026 को जबरदस्त तेजी देखी गई। कंपनी का स्टॉक **8%** बढ़कर ऑल-टाइम हाई यानी **₹687** के स्तर पर पहुंच गया। भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम और पॉजिटिव सेंटीमेंट के बीच यह रैली फिच की क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड और जेपी मॉर्गन की नई कवरेज के बाद आई है।

शेयर में तूफानी तेजी की वजह?

IIFL Finance के शेयरों ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को ₹687 का नया लाइफटाइम हाई बनाया। दिन के कारोबार में इसमें 8% का शानदार उछाल देखा गया। यह तेजी बीते दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ आई, जो निवेशकों के बीच बढ़े भरोसे का संकेत है। अप्रैल 2026 में ₹409.45 के 52-हफ्ते के निचले स्तर से यह शेयर करीब 68% की रिकवरी कर चुका है।

बड़ी संस्थाओं का भरोसा और रेटिंग में सुधार

इस बड़ी रैली की मुख्य वजह ग्लोबल फाइनेंशियल कंपनियों से मिले पॉजिटिव संकेत हैं। 17 अगस्त 2026 को, फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म इश्यूअर डिफॉल्ट रेटिंग को 'B+' से बढ़ाकर 'BB-' कर दिया। फिच ने कंपनी के बिजनेस रिस्क प्रोफाइल में स्थिरता और एसेट क्वालिटी में सुधार का हवाला दिया। इसके अलावा, जेपी मॉर्गन (JPMorgan) ने स्टॉक पर 'ओवरवेट' रेटिंग और ₹750 का टारगेट प्राइस देते हुए कवरेज शुरू की है। इन डेवलपमेंट से कंपनी का कॉन्फिडेंस बढ़ा है, खासकर तब जब NBFC कुछ समय पहले रेगुलेटरी पाबंदियों से निपट रही थी।

बिजनेस की रिकवरी और स्ट्रैटेजिक बदलाव

सितंबर 2024 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा गोल्ड लोन बिजनेस पर लगी पाबंदियों को हटाने के बाद से IIFL Finance अपने लोन बुक को मजबूत करने में जुटी है। जून 2026 तिमाही के नतीजों ने इस रिकवरी की पुष्टि की। कंपनी ने ₹713 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹1.15 लाख करोड़ को पार कर गया। अब कंपनी अपनी स्ट्रैटेजी बदल रही है और सिक्योरड लेंडिंग, खासकर गोल्ड लोन और सिक्योरड MSME लोन पर ज्यादा फोकस कर रही है। वहीं, अनसिक्योर्ड पोर्टफोलियो को धीरे-धीरे कम किया जा रहा है। इस कदम का मकसद कंपनी के रिस्क प्रोफाइल को कम करना और लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाना है।

जोखिम और आगे की राह

हालांकि, शेयर में पॉजिटिव मोमेंटम है, लेकिन निवेशकों को बिजनेस मॉडल से जुड़े जोखिमों पर भी नजर रखनी चाहिए। गोल्ड लोन कंपनी के पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा है, इसलिए सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रेगुलेटरी नियमों में बदलाव का असर कंपनी पर पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी 25% AUM ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है, ऐसे में ऑपरेटिंग कॉस्ट और इंटरेस्ट एक्सपेंस पर दबाव एक अहम फैक्टर होगा जिस पर नजर रखनी होगी। आगे इन्वेस्टर अपडेट्स में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अपनी रिटर्न रेश्यो को कैसे बनाए रखती है और को-लेंडिंग पार्टनरशिप को बिना किसी नई रेगुलेटरी मुश्किल के कैसे आगे बढ़ाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.