IIFL Finance: RBI नियमों में ढील का बड़ा फायदा, **$750 मिलियन** जुटाने की तैयारी

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
IIFL Finance: RBI नियमों में ढील का बड़ा फायदा, **$750 मिलियन** जुटाने की तैयारी
Overview

IIFL Finance अपने फंड जुटाने के प्लान में तेजी ला रही है। कंपनी मार्च में **$500 से $750 मिलियन** तक एक्सटर्नल कमर्शियल बोरिंग (ECBs) और डॉलर बॉन्ड के जरिए पैसा जुटाएगी। इस कदम से कंपनी अपने रिसोर्स बेस को डाइवर्सिफाई करेगी और ग्रोथ को सपोर्ट देगी।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा एक्सटर्नल कमर्शियल बोरिंग (ECB) नियमों में की गई ढील IIFL Finance जैसी कंपनियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इसी का फायदा उठाते हुए, IIFL Finance ने मार्च में $500 से $750 मिलियन तक की बड़ी रकम जुटाने की घोषणा की है। यह फंड ईसीबी और डॉलर बॉन्ड के जरिए हासिल किया जाएगा, जिसका मुख्य मकसद कंपनी के लिए फंड के सोर्स को और ज्यादा डायवर्सिफाई करना और भविष्य की ग्रोथ को सहारा देना है।

RBI ने हाल ही में ईसीबी के तहत बरोइंग की लिमिट को बढ़ाकर $1 बिलियन कर दिया है, जो पहले $750 मिलियन थी। साथ ही, मैच्योरिटी रूल्स और कॉस्ट कैप को भी शिथिल किया गया है। यह रिलैक्सेशन IIFL Finance को अपने फंडिंग सोर्स को बड़ा करने और डोमेस्टिक बैंक फाइनेंसिंग पर निर्भरता कम करने में सीधे तौर पर मदद करेगा। इस बदलाव का असर यह है कि फाइनेंशियल ईयर 25 में भारतीय कंपनियों ने ईसीबी के जरिए रिकॉर्ड $61 बिलियन जुटाए हैं।

सिर्फ विदेशी बॉन्ड ही नहीं, IIFL Finance कैपिटल जुटाने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रही है। हाल ही में कंपनी ने ₹2,000 करोड़ का रिटेल बॉन्ड इश्यू लॉन्च किया था और साथ ही प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स से ₹1,000 करोड़ और जुटा रही है। यह मल्टी-प्रोंगड अप्रोच कंपनी की लायबिलिटी प्रोफाइल को स्टेबल और डाइवर्सिफाइड बनाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

IIFL Finance का स्टॉक फिलहाल ₹508.95 के आसपास ट्रेड कर रहा है (25 फरवरी 2026 तक)। कंपनी का 52-हफ्ते का हाई ₹675.00 और लो ₹279.80 रहा है। अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 14.83 से लेकर 48.8 (TTM बेसिस) तक है, जो बताता है कि मार्केट इसे एक ग्रोथ स्टॉक के तौर पर देख रहा है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹21,368.46 करोड़ है। एनालिस्ट्स ने इसे 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग देते हुए ₹707.50 का एवरेज टारगेट प्राइस दिया है, जो अच्छी खासी अपसाइड का संकेत देता है। हालांकि, 401% से ज्यादा का हाई डेट-टू-इक्विटी रेश्यो और नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो जैसी बातें चिंता बढ़ाने वाली हैं।

भारत में नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर ग्रोथ का एक बड़ा इंजन है, जिसके FY26 में 15-17% तक बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, बैंक फाइनेंसिंग में कमी और लेंडिंग को लेकर सावधानी के चलते इस सेक्टर की ग्रोथ थोड़ी धीमी हो सकती है। NBFCs का गोल्ड लोन मार्केट शेयर हाल के दिनों में बैंकों के मुकाबले थोड़ा कम हुआ है, लेकिन IIFL Finance इस सेगमेंट में एक अहम प्लेयर है, वहीं Muthoot Finance जैसी कंपनियां भी इस रेस में हैं। Bajaj Finance और Shriram Finance जैसे बड़े नाम भी कॉम्पिटिशन में शामिल हैं। यह भी देखा जा रहा है कि NBFCs द्वारा बैंकों के मुकाबले दिया जाने वाला अर्निंग प्रीमियम कम हो रहा है, ऐसे में वैल्यूएशन पर ध्यान देना महत्वपूर्ण हो जाता है।

इस आक्रामक फंड जुटाने की रणनीति और एनालिस्ट्स के पॉजिटिव आउटलुक के बावजूद, IIFL Finance को कुछ रिस्क भी झेलने पड़ रहे हैं। कंपनी का 401% से अधिक का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो एक बड़ी चिंता है, खासकर जब इसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेगेटिव है। इसका मतलब है कि कंपनी अपनी डेट ऑब्लिगेशन्स को पूरा करने के लिए पर्याप्त कैश नहीं बना पा रही है। IIFL Finance पहले भी रेगुलेटरी जांच के दायरे में रही है, जिसमें मार्च से सितंबर 2024 तक गोल्ड लोन बिजनेस पर पाबंदी भी लगी थी। हाल ही में RBI ने एसेट क्लासिफिकेशन मुद्दों के लिए ₹5.30 लाख का जुर्माना भी लगाया था। एक स्पेशल इनकम टैक्स ऑडिट भी शुरू हुआ था, जिसे मैनेजमेंट ने प्रोसीजरल बताया है। ICRA ने पहले एसेट क्वालिटी स्ट्रेस और कमजोर प्रॉफिटेबिलिटी के चलते आउटलुक को 'नेगेटिव' कर दिया था, हालांकि S&P ने बाद में आउटलुक को 'पॉजिटिव' किया है। कंपनी की नेट वल्नरेबल बुक (नेट वर्थ का 61%) भी एक रिस्क है, अगर एसेट रियलाइजेशन बुक वैल्यू से कम होता है।

IIFL Finance को उम्मीद है कि FY27 में AUM ग्रोथ 20%-25% के बीच रहेगी। इसमें होम लोन 15%-16% और डिस्बर्समेंट्स 24%-25% तक बढ़ने की संभावना है। कंपनी का लक्ष्य अगले दो से तीन सालों में 18%-20% का इंटरनल रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) हासिल करना है। साथ ही, क्रेडिट कॉस्ट घटकर 2% से नीचे आने का अनुमान है। एनालिस्ट्स के ₹707.50 के एवरेज 12-महीने के प्राइस टारगेट से कंपनी के फ्यूचर पर स्ट्रॉन्ग कॉन्फिडेंस झलकता है, जो कैपिटल एप्रिसिएशन की ओर इशारा करता है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.