IIFL Finance ने पहली तिमाही (Q1) में धमाकेदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें नेट प्रॉफिट में **189.3%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का मुनाफा बढ़कर **₹675.1 करोड़** पर पहुंच गया है। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में **54.8%** की वृद्धि और गोल्ड लोन पोर्टफोलियो का तेजी से विस्तार मुख्य कारण रहे।
Detailed Coverage
दमदार नतीजों से IIFL Finance की उड़ान!
IIFL Finance Ltd. ने जून 2026 में समाप्त हुई पहली तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में भारी उछाल दर्ज किया है। पिछले साल इसी अवधि में ₹233.4 करोड़ के मुकाबले इस बार कंपनी ने ₹675.1 करोड़ का मुनाफा कमाया है, जो कि 189.3% की सालाना वृद्धि दिखाता है। इस शानदार ग्रोथ का एक बड़ा कारण नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में 54.8% का इजाफा रहा, जो ₹2,003.9 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी को प्रोविजन्स में कमी का भी फायदा मिला, जो पिछले साल के ₹512.5 करोड़ से घटकर ₹294.2 करोड़ पर आ गए।
गोल्ड लोन ने बढ़ाई एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM)!
कंपनी की कंसोलिडेटेड एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में साल-दर-साल 38% का इजाफा हुआ और यह ₹1,15,523 करोड़ तक पहुंच गई। इस ग्रोथ का सबसे बड़ा सहारा गोल्ड लोन सेगमेंट रहा, जिसमें 114% की तूफानी तेजी आई और यह ₹58,406 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, होम फाइनेंस में 4% का सीक्वेंशियल ग्रोथ देखा गया, जबकि MSME लोन पोर्टफोलियो में तिमाही-दर-तिमाही 9% की बढ़त दर्ज की गई। कंपनी सुरक्षित कर्ज (Secured Lending) पर अपना फोकस बनाए हुए है, जहां प्रोविजन कवरेज रेशियो 94% है, जो कंपनी की संभावित लोन हानियों के प्रबंधन के प्रति रणनीति को दर्शाता है।
कैपिटल पोजीशन और भविष्य की राह
IIFL Finance ने 24.3% का कंसोलिडेटेड कैपिटल टू रिस्क-वेटेड एसेट्स रेशियो (CRAR) बनाए रखा है, जो नियामक आवश्यकताओं से काफी ऊपर है। तिमाही के अंत में कंपनी की लिक्विडिटी पोजीशन ₹7,148 करोड़ पर थी। मैनेजमेंट का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में लगभग 25% की ग्रोथ हासिल करना है। इस विस्तार को सपोर्ट करने के लिए, कंपनी इक्विटी कैपिटल जुटाने की योजना बना रही है, जो आने वाली तिमाहियों में निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू होगा।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वित्तीय सेवा क्षेत्र में ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के लिए रेगुलेटरी बदलावों जैसे अंतर्निहित जोखिम हमेशा बने रहते हैं। कंपनी की इक्विटी जुटाने की योजना का सफल निष्पादन और बढ़ते गोल्ड व MSME लोन पोर्टफोलियो में प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखना भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगा। फंड की लागत और सुरक्षित कर्ज के क्षेत्र में लोन की मांग की स्थिरता पर नजर रखने से कंपनी की आगे की दिशा को समझने में मदद मिलेगी।
