मुनाफे में '148%' की छलांग, वजहें क्या हैं?
IIFL Finance के मैनेजमेंट ने इस फाइनेंशियल ईयर की आखिरी तिमाही (Q4 FY26) में अपने बिजनेस मॉडल को और मजबूत किया है। कंपनी ने उन लोन सेगमेंट से बाहर निकलने का फैसला किया था जिनमें जोखिम ज़्यादा था, जैसे कि प्रॉपर्टी-बैक्ड माइक्रो-लोन और पर्सनल लोन। इस स्ट्रेटेजिक कदम का नतीजा अब नतीजों में साफ दिख रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 148% बढ़कर ₹623 करोड़ रहा, जबकि कुल इनकम (Total Income) 51% बढ़कर ₹2,090 करोड़ पर पहुंच गई।
गोल्ड लोन का धमाका!
इस तिमाही की सबसे बड़ी हाइलाइट कंपनी का गोल्ड लोन बिजनेस रहा। इसके एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 150% की ज़बरदस्त ईयर-ऑन-ईयर (YoY) ग्रोथ देखी गई, जो बढ़कर ₹52,581 करोड़ हो गया। क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर (QoQ) बेसिस पर भी इसमें 21% की ग्रोथ आई। गनीमत की बात यह है कि गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में ग्रॉस एनपीए (GNPA) बहुत ही कम, यानी 0.35% पर बना हुआ है।
एसेट क्वालिटी में सुधार और ब्रोकरेज की राय
जोखिम भरे लोन पोर्टफोलियो से बाहर निकलने के कारण कंपनी की एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार हुआ है। ग्रॉस एनपीए (GNPA) घटकर 1.5% रह गया है, जो पिछले साल की समान अवधि से 77 बेसिस पॉइंट कम है। वहीं, नेट एनपीए (Net NPA) 0.7% पर आ गया है। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) भी 80% बढ़कर ₹1,173 करोड़ हो गया है, जो बिजनेस के मजबूत अंडरलाइंग परफॉरमेंस को दिखाता है। कंपनी की कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CRAR) भी 25.3% पर मज़बूत बनी हुई है।
मार्केट की बात करें तो, शेयर अभी अपने 52-हफ़्ते के हाई ₹675 से काफ़ी नीचे, लगभग ₹446 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है (अप्रैल 2026 के अंत तक)। ब्रोकरेज हाउसेस इस पर सकारात्मक दिख रहे हैं। Motilal Oswal ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹600 का टारगेट दिया है, जबकि HSBC ने भी 'Buy' रेटिंग दी है पर टारगेट प्राइस को ₹710 से घटाकर ₹510 कर दिया है। एनालिस्ट्स के टारगेट प्राइस में ₹510 से लेकर ₹840 तक की रेंज देखी जा रही है।
आगे की रणनीति और जोखिम
IIFL Finance FY27 के लिए ₹10,000 करोड़ तक नॉन-कन्वर्टिबल सिक्योरिटीज के जरिए फंड जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले साल क्रेडिट कॉस्ट को 2% से नीचे रखना और अगले 2-3 सालों में ROE को 18%-20% तक ले जाना है। हालांकि, गोल्ड प्राइस में उतार-चढ़ाव और माइक्रो-फाइनेंस सेक्टर की चुनौतियाँ कंपनी के लिए कुछ जोखिम बनी हुई हैं।
