IIFL Capital Services ने अपने एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) को रफ्तार देने के लिए Barclays के चार सीनियर अधिकारियों को अपनी टीम में शामिल किया है। यह कदम भारत के अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ बाजार में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की रणनीति का हिस्सा है।
टीम विस्तार का लक्ष्य
IIFL Capital Services अपनी वेल्थ मैनेजमेंट डिविजन में नई जान फूंकने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी ने Barclays से चार सीनियर प्राइवेट बैंकिंग दिग्गजों—नीरज पांडे, सुबीर डीडवानिया, कुणाल कपाड़िया और विवेक माकिम—को हायर किया है। ये अधिकारी कंपनी के घरेलू वेल्थ ऑपरेशंस और 'ग्लोबल इंडियन डिविजन' को लीड करेंगे, जो NRI क्लाइंट्स और बिजनेस प्रमोटर्स के क्रॉस-बॉर्डर एसेट्स को संभालती है।
कंपनी ने अब तक 60 रिलेशनशिप मैनेजर्स को नियुक्त किया है और अगले दौर में 120 और लोगों को जोड़ने का लक्ष्य है। यह आक्रामक विस्तार कंपनी के नए जॉइंट CEOs राघव गुप्ता और प्रकाश बुलुसू की लीडरशिप में किया जा रहा है।
Fairfax का बड़ा दांव
इस ग्रोथ प्लान को प्रेम वत्स की Fairfax Financial Holdings का बड़ा सपोर्ट हासिल है। इस साल की शुरुआत में, ₹2,000 करोड़ के प्रिफरेंशियल शेयर इश्यू के जरिए Fairfax ने IIFL Capital में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी हासिल की थी। फर्म अब इसी पूंजी और स्थिरता का इस्तेमाल अपनी ग्रोथ को दोगुना करने के लिए कर रही है। खास बात यह है कि ग्लोबल लेवल पर Barclays जैसे संस्थान जहां कॉस्ट कटिंग के लिए छंटनी कर रहे हैं, वहीं IIFL जैसी घरेलू कंपनियां इस मौके का फायदा उठाकर अनुभवी टैलेंट को अपनी टीम में ला रही हैं।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
वित्त वर्ष 2026 के अंत तक कंपनी का AUM ₹60,000 करोड़ रहा था, जिसे अब कंपनी दोगुना करने की कोशिश में है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा 'वॉच-पॉइंट' यह होगा कि कंपनी इन नई नियुक्तियों को कितनी कुशलता से इंटीग्रेट करती है और क्या यह हायरिंग अंततः मुनाफे और बेहतर रेवेन्यू में बदल पाती है। वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर में मुकाबला बहुत कड़ा है, ऐसे में क्लाइंट रिलेशंस की क्वालिटी ही कंपनी की सफलता तय करेगी।
