Live News ›

International Holding Company (IHC): स.मान कैपिटल को **$1 अरब** में खरीदा, पर एनालिस्ट्स की 'Sell' रेटिंग!

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
International Holding Company (IHC): स.मान कैपिटल को **$1 अरब** में खरीदा, पर एनालिस्ट्स की 'Sell' रेटिंग!
Overview

International Holding Company (IHC) अब Sammaan Capital Ltd की प्रमोटर बनने वाली है। कंपनी लगभग **$1 अरब** (करीब **₹8,850 करोड़**) का निवेश कर Sammaan Capital में एक बड़ी हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। इस डील से Sammaan Capital अपने पुराने मॉर्गेज बिजनेस से निकलकर एक डाइवर्सिफाइड NBFC बनने की राह पर है, जिसके ग्रोथ के बड़े प्लान्स हैं। हालांकि, मार्केट में इस डील को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी जा रही है।

IHC का स.मान कैपिटल पर नियंत्रण, $1 अरब का निवेश

International Holding Company PJSC (IHC) ने अपनी सहयोगी Avenir Investment RSC Ltd के जरिए Sammaan Capital Ltd में 41.5% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। इस सौदे का मूल्य लगभग $1 अरब (यानी ₹8,850 करोड़) है। इस डील के बाद IHC, Sammaan Capital की प्रमोटर बन जाएगी और बोर्ड में बहुमत नियुक्त करने का अधिकार रखेगी। कंपनी को पहले ही ₹5,652 करोड़ मिल चुके हैं, और अगले 18 महीनों में ₹3,198 करोड़ और मिलने की उम्मीद है। इससे Sammaan Capital की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और ग्लोबल फंडिंग तक पहुंच बढ़ेगी। साथ ही, ₹139 प्रति शेयर की दर से एक मैंडेटरी टेंडर ऑफर (Mandatory Tender Offer) भी शुरू किया गया है, जिससे IHC की हिस्सेदारी 63.3% तक पहुंच सकती है। SEBI और CCI की मंजूरी के बाद, Sammaan Capital की लॉन्ग-टर्म कॉर्पोरेट फैमिली रेटिंग को Moody's ने B1 से बढ़ाकर पॉजिटिव आउटलुक दिया है। कंपनी 7 अप्रैल 2026 को USD-denominated बॉन्ड के बायबैक (Buyback) पर भी विचार कर सकती है।

डाइवर्सिफिकेशन की ओर बढ़ते कदम और सेक्टर की स्थिति

Sammaan Capital, जो पहले Indiabulls Housing Finance Ltd के नाम से जानी जाती थी, अब सिर्फ मॉर्गेज लेंडर (Mortgage Lender) से आगे बढ़कर एक डाइवर्सिफाइड नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) बनने की तैयारी में है। कंपनी के प्लान के अनुसार, वे MSME लोन, पर्सनल लोन, बिजनेस लोन और गोल्ड लोन जैसे क्षेत्रों में विस्तार करेंगे। उनका लक्ष्य FY2029 तक एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के मामले में भारत की टॉप-थ्री NBFCs में शामिल होना है। इसके लिए, प्रोडक्ट्स की संख्या को 4 से बढ़ाकर 15 से अधिक करना, ब्रांच नेटवर्क को 200 से बढ़ाकर 1,500 तक ले जाना और कस्टमर बेस को 1.4 मिलियन से बढ़ाकर करीब 50 मिलियन तक पहुंचाना है। NBFC सेक्टर, खासकर रिटेल लेंडिंग में अच्छी ग्रोथ दिख रही है, हालांकि एसेट क्वालिटी (Asset Quality) और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव की चिंताएं भी हैं। Sammaan Capital के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) मार्च 2025 तक घटकर 1.32% हो गए थे, जो सितंबर 2025 तक मामूली बढ़कर 1.36% हो गए।

निवेश के बावजूद एनालिस्ट्स में संदेह

इतने बड़े निवेश और ग्रोथ प्लांस के बावजूद, एनालिस्ट्स (Analysts) Sammaan Capital को लेकर कुछ खास उत्साहित नहीं दिख रहे हैं। ज्यादातर एनालिस्ट्स ने इसे 'Sell' रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹100 रखा है, जो मौजूदा ₹149 के भाव से काफी कम है। यह नेगेटिव आउटलुक कंपनी की हालिया परफॉरमेंस, जैसे कि -22.22 का निगेटिव अर्निंग्स पर शेयर (EPS) और -8.66% का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) दिखाता है। हालांकि, इसका P/E रेशियो 9.7x है, जो सेक्टर के औसत 26.1x से काफी कम है, और इसका प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो 0.55x है, जो पीयर एवरेज 1.79x से काफी डिस्काउंट पर है। यह बड़ा वैल्यूएशन डिस्काउंट और 'Sell' रेटिंग यह संकेत दे रही है कि एनालिस्ट्स को इंटीग्रेशन रिस्क (Integration Risk), रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) या कंपनी की पुरानी कमजोरियों का डर है, जो IHC के सपोर्ट के बावजूद हावी हो सकता है। इसके अलावा, ओपन ऑफर प्राइस ₹139 भी मौजूदा मार्केट प्राइस से कम है। CRISIL भी एक्विजिशन के चलते कंपनी के लॉन्ग-टर्म डेट इंस्ट्रूमेंट्स को 'Rating Watch with Developing Implications' पर रखे हुए है।

IHC के नेतृत्व में भविष्य की राह

IHC के कंट्रोल और कैपिटल के साथ, Sammaan Capital बड़े ऑपरेशनल और फाइनेंशियल बदलावों के लिए तैयार है। IHC के Judan Financial प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेशन से कंपनी को बेहतर ग्लोबल फंडिंग और इंस्टीट्यूशनल रिलेशनशिप का फायदा मिलने की उम्मीद है। मैनेजमेंट का मानना है कि यह पार्टनरशिप गवर्नेंस, कंप्लायंस और रिस्क मैनेजमेंट को सुधारेगी, जिससे कंपनी को स्केलेबल ग्रोथ (Scalable Growth) मिलेगी और वह विभिन्न लेंडिंग प्रोडक्ट्स में मौके तलाश सकेगी। अब कंपनी को अपने एंबिशियस डाइवर्सिफिकेशन और ग्रोथ टारगेट को हासिल करना होगा, सेक्टर की चुनौतियों का सामना करना होगा और एनालिस्ट्स की चिंताओं को दूर करने के लिए लगातार प्रॉफिटेबिलिटी साबित करनी होगी।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.