International Financial Services Centres Authority (IFSCA) ने UAE में रहने वाले नॉन-रेसिडेंट इंडियंस (NRI) के लिए Aadhaar-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इससे GIFT City में निवेश के लिए KYC प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
अब निवेश होगा बेहद आसान
IFSCA ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए UAE में नॉन-रेसिडेंट इंडियंस के लिए 'अन-असिस्टेड' Aadhaar-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन पायलट शुरू किया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन बाधाओं को खत्म करना है, जिनका सामना NRI लंबे समय से GIFT City में वित्तीय सेवाओं का उपयोग करने के लिए कर रहे थे। अब उन्हें फिजिकल पेपरवर्क या वीडियो-असिस्टेड वेरिफिकेशन के लंबे प्रोसेस से नहीं गुजरना पड़ेगा।
नई टेक्नोलॉजी का असर
यह पायलट प्रोजेक्ट Unique Identification Authority of India (UIDAI) द्वारा Global Fintech Fest 2026 में लॉन्च किए गए 'Aadhaar Face Authentication SDK' पर आधारित है। पहले NRI को फॉरेन IP एड्रेस से भारतीय वित्तीय सेवाओं तक पहुंचने में दिक्कतें आती थीं, लेकिन अब AI-पावर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से यह प्रोसेस सुरक्षित और तेज हो गया है।
चुनौतियां और सुरक्षा
डिजिटल और रिमोट वेरिफिकेशन के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। इसमें सिंथेटिक आइडेंटिटी फ्रॉड और डीपफेक तकनीक जैसी चिंताओं को देखते हुए, वित्तीय संस्थानों को Anti-Money Laundering (AML) और Counter-Financing of Terrorism (CFT) के सख्त नियमों का पालन करना होगा। साथ ही, डेटा सुरक्षा के लिए भारत और UAE दोनों के कड़े नियमों को मानना अनिवार्य है।
भविष्य की योजना
IFSCA इस पायलट से मिले डेटा और फीडबैक के आधार पर प्रक्रिया को और बेहतर बनाएगा। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो चालू फाइनेंशियल ईयर के अंत तक इसे अमेरिका और अन्य प्रमुख देशों में भी लागू किया जाएगा, ताकि भारत को एक ग्लोबल फाइनेंशियल हब के रूप में और मजबूती मिल सके।
