रेगुलेटरी जंग हुई तेज़: CERC का IEX पर 'एकाधिकारवादी' होने का आरोप!
बाजार में इन दिनों IEX और CERC के बीच मार्केट कपलिंग को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसी कड़ी में, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) ने अपीलीय बिजली ट्रिब्यूनल (APTEL) में एक अहम एफिडेविट दाखिल किया है। इस एफिडेविट में CERC ने IEX पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि एक्सचेंज इस मामले में मुकदमेबाजी के जरिए अपनी 'एकाधिकारवादी' (monopolistic) स्थिति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
CERC का मार्केट कपलिंग पर स्टैंड
CERC का मुख्य तर्क यह है कि IEX ने मार्केट कपलिंग को लेकर आए 'निर्देश' (direction) के खिलाफ अपील की है। कमीशन का मानना है कि यह अपील टिकने लायक नहीं है, क्योंकि केवल औपचारिक 'आदेश' (order) के खिलाफ ही अपील की जा सकती है। CERC के अनुसार, यह 'निर्देश' तो सिर्फ एक शुरुआती कदम है, जिसका मकसद मार्केट कपलिंग प्रक्रिया शुरू करना है, न कि कोई अंतिम फैसला।
SEBI के आरोप और IEX की रणनीति
इसके अलावा, CERC ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। एफिडेविट में कहा गया है कि IEX अपने मार्केट कपलिंग के मुद्दों को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के इनसाइडर ट्रेडिंग से जुड़े एक अलग आदेश से जोड़कर पेश कर रहा है। CERC का आरोप है कि SEBI का यह आदेश ex-parte, यानी बिना किसी ठोस सबूत के और CERC की प्रक्रियाओं पर कोई सीधा आरोप लगाए बिना जारी किया गया था। कमीशन का मानना है कि IEX अपनी चालबाजी से CERC के रेगुलेटरी और नियम बनाने वाले अधिकार में बाधा डालने की कोशिश कर रहा है। CERC ने यह भी बताया कि SEBI द्वारा नामित पार्टियों के खिलाफ जांच पहले से ही चल रही है।
बाजार की प्रतिक्रिया और आगे क्या?
हालांकि, इन सब रेगुलेटरी उठापटक के बीच, बाजार ने IEX के शेयर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई है। सोमवार दोपहर तक IEX के शेयर 4.2% बढ़कर लगभग ₹126 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। ऐसा लगता है कि निवेशक इस रेगुलेटरी चुनौती के साथ-साथ IEX के मुख्य व्यवसाय में ग्रोथ की संभावनाओं को भी तौल रहे हैं। अब सभी की निगाहें APTEL पर टिकी हैं, जो IEX की अपील की स्वीकार्यता पर अपना फैसला सुनाएगा। इस कानूनी जंग के आगे और गरमाने की उम्मीद है।