Indian Energy Exchange (IEX) ने चालू फाइनेंशियल ईयर के दूसरी तिमाही (Q2) के लिए शानदार आंकड़े पेश किए हैं। बिजली की बढ़ती मांग के बीच कंपनी का ट्रेडिंग वॉल्यूम **12.7%** बढ़कर **39.7 बिलियन यूनिट** पर पहुंच गया है।
डिमांड और वॉल्यूम का गणित
सितंबर 2026 में देश में बिजली की पीक डिमांड 269 गीगावाट (GW) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसका सीधा असर IEX के कारोबार पर दिखा। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1) में कंपनी का कुल ट्रेडेड वॉल्यूम 14.2% की बढ़त के साथ 77.2 बिलियन यूनिट रहा। बिजली की मांग बढ़ने से Day-Ahead Market में औसत मार्केट क्लियरिंग प्राइस में 46% का उछाल दर्ज किया गया। सितंबर के महीने में तो कीमतें पिछले साल के मुकाबले 100% से ज्यादा महंगी रहीं।
सेगमेंट में मिली-जुली तस्वीर
मुख्य पावर ट्रेडिंग बिजनेस में मजबूती के बावजूद, कुछ सेगमेंट में सुस्ती भी दिखी है। Renewable Energy Certificate (REC) मार्केट में वॉल्यूम में 65.5% की बड़ी गिरावट आई है, वहीं ग्रीन मार्केट सेगमेंट में 5.8% की कमी देखने को मिली है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
IEX एक लगभग कर्ज-मुक्त (debt-free) कंपनी है और इसका प्रॉफिट मार्जिन काफी हेल्दी बना हुआ है। हालांकि, बाजार की नजरें अब 'मार्केट कपलिंग' (market coupling) पर टिकी हैं। यह एक रेग्युलेटरी प्रस्ताव है, जो भविष्य में एक्सचेंज की प्रतिस्पर्धी स्थिति और मार्केट स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव ला सकता है। निवेशकों को आगे बिजली की मांग के साथ-साथ इस रेग्युलेटरी डेवलपमेंट पर भी कड़ी नजर रखनी होगी।
