IDFC First Bank में ₹590 करोड़ का फ्रॉड, CEO बोले - 'पारदर्शिता रखेंगे', शेयर **20%** टूटा

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
IDFC First Bank में ₹590 करोड़ का फ्रॉड, CEO बोले - 'पारदर्शिता रखेंगे', शेयर **20%** टूटा
Overview

IDFC First Bank के निवेशकों के लिए बुरी खबर आई है। बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में **₹590 करोड़** का बड़ा फ्रॉड सामने आया है, जिसके बाद बैंक ने 4 कर्मचारियों को निलंबित (suspend) कर दिया है। CEO V. Vaidyanathan ने पारदर्शिता बरतने का भरोसा दिलाया है, वहीं 28 फरवरी 2026 तक बैंक की कुल डिपॉजिट **₹2.92 लाख करोड़** पर स्थिर रही।

IDFC First Bank की चंडीगढ़ ब्रांच से ₹590 करोड़ के फ्रॉड का मामला सामने आया है। आरोप है कि इसमें हरियाणा सरकार के खातों से छेड़छाड़ और बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत शामिल थी।

यह गड़बड़ी तब पता चली जब एक सरकारी विभाग ने फंड ट्रांसफर करने की कोशिश की और रिकॉर्ड में दर्ज राशि व असल रकम के बीच भारी अंतर पाया। बैंक के CEO, V. Vaidyanathan ने कहा, 'हम जांच के नीचे छिपना नहीं चाहते और हम इसे साफ रखना चाहते हैं।' उन्होंने पारदर्शिता के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। इस घटना के बावजूद, 28 फरवरी 2026 तक बैंक की कुल डिपॉजिट लगभग ₹2.92 लाख करोड़ पर स्थिर बनी हुई है।

22 फरवरी 2026 को इस फ्रॉड का खुलासा होते ही IDFC First Bank के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। अगले ही दिन शेयर लगभग 20% तक गिर गए और ट्रेडिंग लिमिट तक पहुंच गए। इसके बाद, हरियाणा सरकार ने IDFC First Bank और AU Small Finance Bank को सरकारी कारोबार से प्रतिबंधित कर दिया। सरकारी विभागों को निर्देश दिया गया कि वे अपने खाते इन बैंकों से हटा लें या बंद कर दें। मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate - ED) ने सरकारी फंड की कथित हेराफेरी से जुड़े ₹590 करोड़ के मामले में 90 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है।

IDFC First Bank पर विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। Nomura ने 'Buy' रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट ₹105 रखा है, लेकिन FY26 के प्रॉफिट में 28% की गिरावट और गवर्नेंस संबंधी चिंताओं पर चेतावनी दी है। Bank of America Securities ने अपनी रेटिंग को 'Neutral' कर दिया और टारगेट प्राइस घटाकर ₹75 कर दिया है। उन्होंने निकट अवधि की चुनौतियों और कम लागत वाली डिपॉजिट में ग्रोथ के जोखिमों का जिक्र किया। Emkay Global और Motilal Oswal जैसी अन्य फर्मों ने स्टॉक को 'Add' या 'Neutral' रेट किया है, और फ्रॉड के प्रभाव और मजबूत नियंत्रण की आवश्यकता को देखते हुए कमाई के अनुमानों और टारगेट में बदलाव किया है। MarketsMojo ने 'Hold' रेटिंग दी है, लेकिन हाल में प्रॉफिट में गिरावट को लेकर सावधानी बरतने को कहा है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारत के बैंकिंग सेक्टर में रिपोर्ट किए गए फ्रॉड का कुल मूल्य काफी बढ़ गया है, भले ही मामलों की संख्या कम हुई हो। FY25 और H1 FY26 के RBI आंकड़ों के अनुसार, एडवांसेज-संबंधित फ्रॉड कुल फ्रॉड मूल्य का एक बड़ा हिस्सा बन रहे हैं।

इस फ्रॉड ने IDFC First Bank के आंतरिक नियंत्रण (internal controls) और निगरानी प्रणालियों पर बड़े सवाल खड़े किए हैं, खासकर कर्मचारी मिलीभगत के आरोपों के बीच। बैंक ने फोरेंसिक ऑडिट (forensic audit) के लिए KPMG को नियुक्त किया है और कानूनी कार्रवाई कर रहा है, लेकिन ₹645 करोड़ का वित्तीय निपटान (financial settlement) इस चूक की लागत को दर्शाता है। IDFC First Bank का मौजूदा P/E रेश्यो लगभग 30-35x है, जो Federal Bank (14.2-17.6x) और Bandhan Bank (23.7-25.4x) जैसे पीयर्स से अधिक है। इसका मतलब है कि स्टॉक की मौजूदा कीमत में ग्रोथ पहले से ही शामिल है। हरियाणा द्वारा सरकारी कारोबार से प्रतिबंधित किया जाना और ED की कार्रवाइयां नियामक जोखिम (regulatory risks) और संभावित अनुपालन लागत (compliance costs) का संकेत देती हैं। बैंक की त्वरित प्रतिक्रिया और स्थिर डिपॉजिट के बावजूद, निकट भविष्य का आउटलुक जांच के नतीजों, रिकवरी के प्रयासों और बाजार के भरोसे को फिर से बहाल करने पर निर्भर करेगा।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.