IDFC First Bank ने अपने सभी क्रेडिट कार्ड ग्राहकों के लिए फॉरेक्स मार्कअप फीस पूरी तरह खत्म कर दी है। अब अंतरराष्ट्रीय ट्रांजेक्शन पर ग्राहकों को **2%** से **3.5%** का एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा।
IDFC First Bank ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने पूरे क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो से फॉरेक्स मार्कअप फीस को हटा दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब ग्राहकों को विदेश में शॉपिंग करने या इंटरनेशनल वेबसाइट्स पर पेमेंट करने के दौरान 2% से 3.5% तक का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। बैंक ने साफ कर दिया है कि यह सुविधा नए और पुराने, सभी ग्राहकों के लिए बिना किसी अतिरिक्त शर्त या प्रीमियम अपग्रेड के तुरंत लागू हो गई है।
बैंकिंग सेक्टर में क्या है रणनीति?
आमतौर पर भारतीय बैंकों में फॉरेक्स मार्कअप फीस कमाई का एक बड़ा जरिया होती है। ऐसी 'जीरो मार्कअप' की सुविधा अक्सर केवल बहुत महंगे 'सुपर-प्रीमियम' कार्ड्स पर ही मिलती है। लेकिन अब IDFC First Bank ने इसे अपने हर ग्राहक के लिए खोल दिया है, जो कि मार्केट में अपनी हिस्सेदारी और ग्राहकों की संख्या बढ़ाने की एक आक्रामक कोशिश है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
इन्वेस्टर्स के नजरिए से देखें, तो बैंक के इस फैसले से शॉर्ट टर्म में 'फी-बेस्ड रेवेन्यू' में कमी आ सकती है। हालांकि, बैंक का दांव इस बात पर है कि इससे कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी। अगर इंटरनेशनल स्पेंडिंग (Spending) का वॉल्यूम बढ़ता है, तो यह बैंक के लिए लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है। अब निवेशकों की नजर बैंक के अगले क्वार्टरली नतीजों पर रहेगी कि क्या इस बदलाव के बाद ट्रांजेक्शन वॉल्यूम में वाकई उतनी तेजी आई है, जो फीस से होने वाले नुकसान की भरपाई कर सके।
