IDFC First Bank Share Price: ₹590 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा, शेयर **20%** धड़ाम!

BANKINGFINANCE
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AuthorKaran Malhotra|Published at:
IDFC First Bank Share Price: ₹590 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा, शेयर **20%** धड़ाम!
Overview

IDFC First Bank के निवेशकों के लिए एक बड़ी और बुरी खबर सामने आई है। बैंक ने खुलासा किया है कि उसके चंडीगढ़ ब्रांच में **₹590 करोड़** का एक बड़ा फ्रॉड हुआ है, जो कर्मचारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया। इस खबर के आते ही बैंक के शेयर में **20%** की भारी गिरावट दर्ज की गई।

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IDFC First Bank के शेयरधारकों के लिए एक बुरी खबर आई है, जिसने बाजार में बैंक के स्टॉक को 20% तक गिरा दिया है। बैंक ने खुद खुलासा किया है कि उसके चंडीगढ़ ब्रांच में ₹590 करोड़ का एक बड़ा फ्रॉड हुआ है, जो कि कर्मचारियों की मिलीभगत से किया गया।

इस धोखाधड़ी की खबर से निवेशकों में खलबली मच गई। 23 फरवरी 2026 को IDFC First Bank के शेयर ₹70.04 के स्तर तक गिर गए। यह गिरावट भारी वॉल्यूम के साथ हुई, जहां 5.77 करोड़ से ज्यादा शेयर बदले, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹4,000 करोड़ थी। यह रकम बैंक के तिमाही नेट प्रॉफिट ₹503 करोड़ से भी काफी ज्यादा है, जो बैंक के गवर्नेंस पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

इस घटना के बाद, बैंक ने चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, KPMG को 4-5 हफ्तों में रिपोर्ट देने के लिए फॉरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit) का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि इस फ्रॉड से कोई सिस्टमिक रिस्क (Systemic Risk) नहीं है और यह बैंक के भीतर ही सीमित है। हालांकि, इस घटना का असर इतना है कि हरियाणा सरकार ने IDFC First Bank के साथ अपने व्यावसायिक संबंध निलंबित कर दिए हैं और सभी सरकारी विभागों को बैंक में खाते बंद करने का आदेश दिया है।

IDFC First Bank का वैल्यूएशन (Valuation) अपने प्रमुख बैंक साथियों की तुलना में काफी अधिक है। बैंक का P/E रेशियो 46 गुना है, जबकि SBI का 13-14 गुना, ICICI Bank और HDFC Bank का 18-22 गुना है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन उम्मीदों पर आधारित था कि बैंक का गवर्नेंस (Governance) और इंटरनल कंट्रोल्स (Internal Controls) मजबूत होंगे। लेकिन इस फ्रॉड ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है और निवेशकों का भरोसा हिला दिया है।

फिलहाल, ब्रोकरेज फर्मों का रुख मिला-जुला है। Motilal Oswal ने टारगेट प्राइस ₹80 रखा है, जबकि कुछ विश्लेषकों ने ₹75-80 और ₹77 के टारगेट दिए हैं। बैंक के लिए इस धोखाधड़ी से हुई राशि की वसूली करना और अपने आंतरिक नियंत्रणों को मजबूत साबित करना, बाजार का भरोसा वापस जीतने के लिए बेहद अहम होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.