फ्रॉड का खुलासा और शेयर बाजार में हड़कंप
IDFC First Bank के निवेशकों के लिए आज का दिन चिंताजनक रहा। बैंक ने अपने चंडीगढ़ ब्रांच में ₹590 करोड़ के एक बड़े फ्रॉड का खुलासा किया है, जिसने शेयर बाजार में हड़कंप मचा दिया। इस खबर के आते ही बैंक के शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई और यह लगभग 20% तक गिर गया। यह गिरावट मार्च 2020 के बाद से बैंक के शेयर में आई सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है। इस दौरान, ₹1,390 करोड़ से ज्यादा की ब्लॉक डील्स (Block Deals) हुईं, जिनमें बैंक की कुल इक्विटी का 2.7% हिस्सा ₹67 प्रति शेयर के भाव पर खरीदे-बेचे गए।
बैंक की कार्रवाई और सरकारी रोक
इस गंभीर मामले को देखते हुए, IDFC First Bank ने तुरंत कार्रवाई की है। बैंक ने इस फ्रॉड से जुड़े 4 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और मामले की गहराई से जांच के लिए प्रतिष्ठित फर्म KPMG को फोरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit) करने की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, हरियाणा सरकार ने इस घटना के बाद अपने सभी सरकारी कारोबार के लिए IDFC First Bank और AU Small Finance Bank को डी-इंपैनल (de-empaneled) कर दिया है, जिससे बैंक के सरकारी फंड से होने वाली आय पर असर पड़ सकता है।
महंगा वैल्यूएशन और बिगड़ी तस्वीर
बाजार के विश्लेषकों (Analysts) का मानना है कि इस फ्रॉड की घटना से पहले ही IDFC First Bank का वैल्यूएशन (Valuation) काफी महंगा था। बैंक का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो 45.61 के आसपास था, जो भारतीय बैंकिंग सेक्टर के औसत 13.5x और इसके बड़े प्रतिस्पर्धियों जैसे HDFC Bank (18.20) और ICICI Bank (17.57) की तुलना में बहुत ज्यादा है। ऐसे में, जब कोई नकारात्मक खबर आती है, तो शेयर में बड़ी गिरावट की आशंका बढ़ जाती है।
पिछली परेशानियां और भविष्य की राह
यह घटना बैंक के आंतरिक नियंत्रण (Internal Controls) और गवर्नेंस (Governance) पर गंभीर सवाल उठाती है। इससे पहले भी बैंक के माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में दिक्कतें आई थीं, जिसकी वजह से क्रेडिट कॉस्ट (Credit Cost) 2022-23 के 1.6% से बढ़कर 2024 तक करीब 10% तक पहुंच गई थी। हालांकि बैंक का नेट एनपीए (Net NPA) रेशियो नियंत्रण में है, लेकिन इस बड़े फ्रॉड के बाद रेगुलेटरी स्क्रूटनी (Regulatory Scrutiny) बढ़ सकती है।
विश्लेषकों की मिली-जुली राय
कुछ ब्रोकरेज हाउस (Brokerages) अभी भी इस शेयर पर 'मॉडरेट बाय' (Moderate Buy) की सलाह दे रहे हैं और लक्ष्य (Target Price) ₹86-90 के आसपास बता रहे हैं। हालांकि, हालिया घटनाक्रम के बाद निवेशकों का भरोसा डिगा है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि KPMG की फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट क्या खुलासे करती है और बैंक इस संकट से कैसे उबरता है। रिपोर्ट आने तक शेयर में और उतार-चढ़ाव की उम्मीद है।