IDFC First Bank ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए अपना बिजनेस अपडेट जारी किया है, जिसमें कोर लोन **20.4%** बढ़कर **₹3,13,864 करोड़** पहुंच गए हैं। वहीं, बैंक ने अपने CASA रेशियो को भी सुधारकर **51.3%** कर लिया है।
IDFC First Bank ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने प्रोविजनल नतीजे पेश किए हैं। बैंक के कोर लोन और एडवांसेज साल-दर-साल 20.4% बढ़कर ₹3,13,864 करोड़ हो गए हैं। बैंक का कुल डिपॉजिट भी 17% बढ़कर ₹3,23,697 करोड़ तक पहुंच गया है। ये आंकड़े बैंक के इंटरनेशनल बैंकिंग यूनिट (IBU) के लीवरेज्ड घटकों को हटाकर दिए गए हैं, जिससे घरेलू बिजनेस की असली तस्वीर साफ होती है।
लिक्विडिटी रणनीति और फंडिंग मिक्स
बैंक अपनी लागत को कम करने के लिए फंडिंग स्ट्रक्चर पर खास ध्यान दे रहा है। इस तिमाही में बैंक ने ₹34,390 करोड़ के फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR(B)) डिपॉजिट जुटाए हैं। यह बैंक की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वे महंगे घरेलू होलसेल फंड्स (जैसे सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट) को सस्ते विदेशी फंड्स से बदल रहे हैं। बैंक का CASA रेशियो पिछली तिमाही के 50.8% से बढ़कर 51.3% हो गया है, जो लो-कॉस्ट डिपॉजिट्स की मजबूती को दर्शाता है।
कुल ग्रॉस एडवांसेज (जिसमें IBU-लिंक्ड लीवरेज भी शामिल है) पिछले साल के मुकाबले 29.9% बढ़कर ₹3,38,749 करोड़ पर हैं। हालांकि, निवेशकों की नजर इस बात पर है कि बैंक इस अतिरिक्त लिक्विडिटी का इस्तेमाल कितनी कुशलता से करता है। इसके अलावा, माइक्रोफाइनेंस (MFI) लोन सेगमेंट की एसेट क्वालिटी पर भी मार्केट की पैनी नजर रहेगी।
आगे की राह
5 अक्टूबर 2026 को IDFC First Bank का शेयर करीब ₹82.20 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। अब निवेशकों की निगाहें 24 अक्टूबर 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर टिकी हैं, जहां Q2 के फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी जाएगी।
